सरसों ₹4950–8175 के दायरे में: राजस्थान मंडी रिपोर्ट, जुलाई 2026

जुलाई 2026: राजस्थान में सरसों के भाव लगभग टिके रहे
राजस्थान की मंडियों में जुलाई 2026 में सरसों का औसत भाव 7188 रुपये प्रति क्विंटल रहा। माध्यिका भाव 7200 रुपये पर बना रहा, यानी ज़्यादातर सौदे इसी दायरे के आसपास हुए। कुल मिलाकर तस्वीर यही कहती है कि इस महीने बाज़ार ने कोई बड़ा उलटफेर नहीं दिखाया। न भाव भागे, न औंधे मुंह गिरे — बस अपनी जगह पर टिके रहे।
जिन किसानों को हर हफ़्ते मंडी के भाव का इंतज़ार रहता है, उनके लिए यह महीना एक तरह से "ठहरा हुआ पानी" जैसा रहा। न कोई तेज़ लहर, न कोई डूबता किनारा।
पिछले महीने से तुलना: मामूली गिरावट
जून के मुकाबले जुलाई में भाव में 0.68 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट इतनी छोटी है कि इसे बाज़ार की सामान्य सांस लेने की प्रक्रिया ही कहा जा सकता है — कोई अलार्म बजाने वाली बात नहीं। पिछले साल जुलाई से तुलना का आँकड़ा इस बार उपलब्ध नहीं है, इसलिए साल-दर-साल का हिसाब इस बार नहीं लगाया जा सकता।
volatility यानी भाव में उतार-चढ़ाव की दर भी सिर्फ 3.97 प्रतिशत रही, जो बताती है कि पूरे महीने भाव एक संकरे दायरे में ही घूमते रहे। 249 सौदों के आँकड़े इस स्थिरता की गवाही देते हैं।
कहां मिला सबसे कम, कहां सबसे ज़्यादा भाव
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि इस महीने सबसे सस्ती और सबसे महंगी सरसों कहां बिकी, तो जवाब साफ है। श्रीगंगानगर (ग्रेन) मंडी में सबसे कम भाव 4950 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुआ — यह बाकी मंडियों से काफी नीचे रहा। दूसरी तरफ निवाई मंडी ने बाज़ार में सबसे ऊंचा भाव दिया, यहां सरसों 8175 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी।
यह फासला बताता है कि सिर्फ राज्य के औसत भाव पर भरोसा करना काफी नहीं है। हर मंडी की अपनी चाल है। पहाड़ी मंडी इस महीने सबसे आगे रही, जहां औसत भाव 7800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा। निवाई ने 7718 रुपये का औसत दिया, तो लालसोट 7658 रुपये पर टिकी रही। मंडावरी में औसत भाव 7653 रुपये और चाकसू में 7600 रुपये रहा। इन पांच मंडियों को देखकर साफ पता चलता है कि टोंक-जयपुर बेल्ट की मंडियां इस बार राज्य के औसत से ऊपर चल रही हैं।
| मानक | भाव (रुपये/क्विंटल) |
|---|---|
| औसत भाव | 7188 |
| माध्यिका भाव | 7200 |
| न्यूनतम भाव (श्रीगंगानगर - ग्रेन) | 4950 |
| अधिकतम भाव (निवाई) | 8175 |
| मासिक बदलाव | -0.68% |
भाव स्थिर क्यों रहे — कुछ संभावित कारक
जुलाई का महीना सरसों के लिए आमतौर पर आवक और मांग के बीच एक संतुलन का समय होता है। इस बार भी शायद कुछ ऐसा ही हुआ। नई फसल की आवक धीरे-धीरे कम होती जाती है और स्टॉकिस्ट, तेल मिलों की खरीद एक स्थिर रफ्तार से चलती रहती है — यह एक संभावित कारण हो सकता है कि भाव में बड़ा उलटफेर नहीं दिखा।
दूसरी तरफ, कुछ मंडियों में स्थानीय मांग या तेल मिलों की नज़दीकी भी भाव को ऊंचा रख सकती है — जैसे पहाड़ी और निवाई का ऊंचा औसत इसी तरफ इशारा करता है। जबकि श्रीगंगानगर जैसी मंडी में भाव नीचे रहने के पीछे स्थानीय आवक का दबाव या मंडी की अपनी खास परिस्थितियां हो सकती हैं। यह सिर्फ एक संभावना है, कोई तय आंकड़ा नहीं।
किसान और व्यापारी के लिए क्या रणनीति बने
अगर आप किसान हैं और सरसों बेचने की सोच रहे हैं, तो इस महीने के आँकड़े एक बात साफ बताते हैं — मंडी चुनने में जल्दबाज़ी न करें। पहाड़ी, निवाई, लालसोट जैसी मंडियों का औसत भाव राज्य के औसत से बेहतर रहा है। अगर आपकी उपज इन मंडियों की पहुंच में है, तो थोड़ी दूरी तय करके भी बेहतर भाव पा सकते हैं।
व्यापारियों के लिए यह महीना स्टॉक बनाए रखने के लिए ठीक-ठाक रहा, क्योंकि भाव में ज़्यादा उतार-चढ़ाव न होने से जोखिम भी सीमित रहा। लेकिन श्रीगंगानगर जैसी मंडियों में भाव का फासला याद रखना ज़रूरी है — वहां खरीद-बिक्री का हिसाब अलग नज़रिए से लगाना बेहतर होगा।
कुल मिलाकर, जुलाई का महीना न ज़्यादा उम्मीद जगाने वाला रहा, न ज़्यादा निराश करने वाला। भाव अपनी जगह पर टिके रहे, और यही स्थिरता अगले महीने की दिशा तय करने में मदद कर सकती है। अगस्त में आवक और मांग का समीकरण कैसे बदलता है, यह देखना दिलचस्प रहेगा।
कीमतें सांकेतिक हैं; कृपया अपनी स्थानीय मंडी में पुष्टि करें।
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सामान्य प्रश्न
जुलाई 2026 में राजस्थान में सरसों का औसत भाव क्या रहा?
जुलाई 2026 में राजस्थान की मंडियों में सरसों का औसत भाव ₹7,188/क्विंटल रहा।
राजस्थान में सरसों का सबसे ऊँचा और सबसे नीचा भाव कितना रहा?
सबसे ऊँचा भाव ₹8,175/क्विंटल (निवाई) और सबसे नीचा ₹4,950/क्विंटल (Sriganganagar (Grain)) रहा।
पिछले महीने की तुलना में सरसों के भाव में क्या बदलाव आया?
पिछले महीने की तुलना में भाव में 0.7% की गिरावट रही।



