25 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सुपारी का भाव आमतौर पर अक्टूबर में सबसे ऊंचा रहता है (औसत से लगभग 4% ऊपर), जबकि फ़रवरी में सबसे कम (औसत से करीब 3% नीचे)। यानी बेहतर दाम के लिए अक्टूबर के आसपास बिक्री करना ऐतिहासिक रूप से फायदेमंद रहा है।
सबसे अच्छा महीना
अक्टूबर
औसत से +4%
सबसे कमज़ोर महीना
फ़रवरी
औसत से −3%
100 = वार्षिक औसत (₹18,132/क्विंटल) · 25 वर्षों का औसत
| महीना | सूचकांक | सामान्य भाव |
|---|---|---|
| जनवरी | 97.7 | ₹17,715 |
| फ़रवरीन्यूनतम | 96.9 | ₹17,570 |
| मार्च | 97 | ₹17,588 |
| अप्रैल | 98.5 | ₹17,860 |
| मई | 100 | ₹18,132 |
| जून | 100.5 | ₹18,223 |
| जुलाई | 103.1 | ₹18,695 |
| अगस्त | 100.7 | ₹18,259 |
| सितंबर | 102.7 | ₹18,622 |
| अक्टूबर★ सर्वश्रेष्ठ | 103.6 | ₹18,785 |
बिक्री के लिए शीर्ष 3 महीने: अक्टूबर, जुलाई, सितंबर। अब तक का सबसे ऊंचा मासिक औसत सितंबर 2021 में ₹41,841/क्विंटल रहा है।
| नवंबर |
| 101.1 |
| ₹18,332 |
| दिसंबर | 98.2 | ₹17,806 |