26 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लौकी का भाव आमतौर पर मार्च में सबसे ऊंचा रहता है (औसत से लगभग 14% ऊपर), जबकि मई में सबसे कम (औसत से करीब 25% नीचे)। यानी बेहतर दाम के लिए मार्च के आसपास बिक्री करना ऐतिहासिक रूप से फायदेमंद रहा है।
सबसे अच्छा महीना
मार्च
औसत से +14%
सबसे कमज़ोर महीना
मई
औसत से −25%
100 = वार्षिक औसत (₹948/क्विंटल) · 26 वर्षों का औसत
| महीना | सूचकांक | सामान्य भाव |
|---|---|---|
| जनवरी | 107.3 | ₹1,017 |
| फ़रवरी | 109.9 | ₹1,041 |
| मार्च★ सर्वश्रेष्ठ | 114 | ₹1,080 |
| अप्रैल | 90.6 | ₹858 |
| मईन्यूनतम | 74.7 | ₹708 |
| जून | 84 | ₹796 |
| जुलाई | 107.3 | ₹1,017 |
| अगस्त | 104 | ₹985 |
| सितंबर | 98.9 | ₹937 |
| अक्टूबर | 104.4 | ₹989 |
| नवंबर | 99 | ₹938 |
| दिसंबर | 105.7 | ₹1,002 |
बिक्री के लिए शीर्ष 3 महीने: मार्च, फ़रवरी, जनवरी। अब तक का सबसे ऊंचा मासिक औसत दिसंबर 2024 में ₹2,237/क्विंटल रहा है।