आज Jaunpur जिले में गाजर का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Jaunpur जिले में गाजर के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
Jaunpur में गाजर मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹1,095 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹1,040 क्विंटल ( मुंगड़ा बादशाहपुर ) |
| अधिकतम भाव | ₹1,230 क्विंटल ( जौनपुर ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Jaunpur जिले की मंडियो में गाजर का औसतन भाव ₹1,095 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव मुंगड़ा बादशाहपुर मंडी में ₹1,040 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव जौनपुर मंडी में ₹1,230 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Jaunpur जिले की 5 मंडियो के गाजर के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 16 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Jaunpur जिले में गाजर का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | गाजर भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| गाजर | Jaunpur | शाहगंज (Shahganj) | 1070 से 1270 ₹क्विंटल | 16 Jan 2026 |
| गाजर | Jaunpur | मुंगड़ा बादशाहपुर (Mungra Badshahpur) | 1040 से 1240 ₹क्विंटल | 16 Jan 2026 |
| गाजर | Jaunpur | जौनपुर (Jaunpur) | 1175 से 1230 ₹क्विंटल | 14 Jan 2026 |
| गाजर | Jaunpur | मुंगड़ा बादशाहपुर (Mungra Badshahpur) | 1985 से 2185 ₹क्विंटल | 2 Dec 2025 |
| गाजर | Jaunpur | मुंगड़ा बादशाहपुर (Mungra Badshahpur) | 1240 से 1330 ₹क्विंटल | 7 Feb 2020 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
गाजर एक सब्जी है। यह काले, लाल और नारंगी रंग में मिलता है। इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा भोजन माना जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से अक्टूबर के बीच होती है, लेकिन गाजर की कुछ किस्मे अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच भी लगाई जाती है। इसकी खेती में लागत बहुत कम और कमाई बहुत अधिक होती है। 1 किलो गाजर उगाने में 6 से 8 रुपये के बीच लागत आती है। इसकी कुछ किस्मे 1 हेक्टेयर मे लगभग 150 क्विंटल तक पैदावार देती है। गाजर में अनेक प्रकार के गुण पाए जाते हैं। जिस कारण से इसका प्रयोग आचार, मुरब्बा, जूस, सलाद और हलवा बनाने में किया जाता है। यह भूख को बढ़ाने और गुर्दे के लिए अधिक लाभकारी होता है। इसमें विटामिन ए की मात्रा सबसे अधिक मौजूद होती है। ऐसा कोई पोषक तत्व नही है जो गाजर में नही पाया जाता है, इसलिए इसे सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से नवम्बर के बीच होती है।
गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। गाजर की खेती पूरे भारत में की जाती है।
भारत मे गाजर की खेती – भारत मे गाजर की खेती मुख्य रूप से असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यूपी, महराष्ट्र, बिहार में होती है।
गाजर की उन्नतशील किस्मे – गाजर की कुछ प्रमुख उन्नतशील किस्मे मेघाली पूसा, केसरी, हिसार, रसीली, चैंटीनी, नैनटिस आदि है, जिसमे अधिक पैदावार होती है।