आज Pauri Garhwal जिले में गाजर का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तराखंड राज्य के Pauri Garhwal जिले में गाजर के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तराखंड की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Pauri Garhwal में गाजर मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Carrot गाजर
औसत भाव ₹1,000 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹1,000 क्विंटल ( कोटद्वार )
अधिकतम भाव ₹1,000 क्विंटल ( कोटद्वार )
* यह सारांश 4 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड राज्य के Pauri Garhwal जिले की मंडियो में गाजर का औसतन भाव ₹1,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव कोटद्वार मंडी में ₹1,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव कोटद्वार मंडी में ₹1,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तराखंड राज्य के Pauri Garhwal जिले की 4 मंडियो के गाजर के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 7 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

गाजर भाव

आज Pauri Garhwal जिले में गाजर का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी गाजर भाव अप्डेट
गाजर Garhwal (Pauri) कोटद्वार (Kotdwar) 1000 से 1000 ₹क्विंटल 7 Feb 2026
गाजर Garhwal (Pauri) कोटद्वार (Kotdwar) 2000 से 2000 ₹क्विंटल 11 Nov 2025
गाजर Garhwal (Pauri) कोटद्वार (Kotdwar) 1600 से 1800 ₹क्विंटल 27 Dec 2024
गाजर Garhwal (Pauri) कोटद्वार (Kotdwar) 1000 से 1500 ₹क्विंटल 7 Dec 2024

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

गाजर एक सब्जी है। यह काले, लाल और नारंगी रंग में मिलता है। इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा भोजन माना जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से अक्टूबर के बीच होती है, लेकिन गाजर की कुछ किस्मे अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच भी लगाई जाती है। इसकी खेती में लागत बहुत कम और कमाई बहुत अधिक होती है। 1 किलो गाजर उगाने में 6 से 8 रुपये के बीच लागत आती है। इसकी कुछ किस्मे 1 हेक्टेयर मे लगभग 150 क्विंटल तक पैदावार देती है। गाजर में अनेक प्रकार के गुण पाए जाते हैं। जिस कारण से इसका प्रयोग आचार, मुरब्बा, जूस, सलाद और हलवा बनाने में किया जाता है। यह भूख को बढ़ाने और गुर्दे के लिए अधिक लाभकारी होता है। इसमें विटामिन ए की मात्रा सबसे अधिक मौजूद होती है। ऐसा कोई पोषक तत्व नही है जो गाजर में नही पाया जाता है, इसलिए इसे सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से नवम्बर के बीच होती है।

गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। गाजर की खेती पूरे भारत में की जाती है।

भारत मे गाजर की खेती –  भारत मे गाजर की खेती मुख्य रूप से असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यूपी, महराष्ट्र, बिहार में होती है।

गाजर की उन्नतशील किस्मे –  गाजर की कुछ प्रमुख उन्नतशील किस्मे मेघाली पूसा, केसरी, हिसार, रसीली, चैंटीनी, नैनटिस आदि है, जिसमे अधिक पैदावार होती है।