Dakshin Dinajpur जिले में गाजर मंडी भाव - Carrot Bhav In Dakshin Dinajpur District
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज पश्चिम बंगाल राज्य के Dakshin Dinajpur जिले में गाजर के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप पश्चिम बंगाल की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
Dakshin Dinajpur में गाजर मंडी भाव का सारांश
कमोडिटी | ![]() |
औसत मंडी भाव | ₹800 / क्विंटल |
न्यूनतम मंडी भाव | ₹800 / क्विंटल ( Gangarampur(Dakshin Dinajpur) ) |
उच्चतम मंडी भाव | ₹1,000 / क्विंटल ( Gangarampur(Dakshin Dinajpur) ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल राज्य के
Dakshin Dinajpur जिले की मंडियो में
गाजर का औसतन भाव
₹800 /क्विंटल हैं।
पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव
Gangarampur(Dakshin Dinajpur)
मंडी में ₹800 /क्विंटल
रहा, जबकि सबसे अधिक भाव
Gangarampur(Dakshin Dinajpur)
मंडी में ₹1,000 /क्विंटल
रहा। मंडी भाव इंडिया पर पश्चिम बंगाल राज्य के
Dakshin Dinajpur जिले की 1
मंडियो के
गाजर के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार
2 Apr 2025 को अपडेट किया
गया है।

आज Dakshin Dinajpur जिले में गाजर मंडी भाव - Carrot Bhav In Dakshin Dinajpur District
कमोडिटी | ज़िला | मंडी | गाजर भाव | अप्डेट |
---|---|---|---|---|
गाजर | Dakshin Dinajpur | (Gangarampur(Dakshin Dinajpur)) | 800 से 1000 ₹/क्विंटल | 2 Apr 2025 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
गाजर एक सब्जी है। यह काले, लाल और नारंगी रंग में मिलता है। इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा भोजन माना जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से अक्टूबर के बीच होती है, लेकिन गाजर की कुछ किस्मे अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच भी लगाई जाती है। इसकी खेती में लागत बहुत कम और कमाई बहुत अधिक होती है। 1 किलो गाजर उगाने में 6 से 8 रुपये के बीच लागत आती है। इसकी कुछ किस्मे 1 हेक्टेयर मे लगभग 150 क्विंटल तक पैदावार देती है। गाजर में अनेक प्रकार के गुण पाए जाते हैं। जिस कारण से इसका प्रयोग आचार, मुरब्बा, जूस, सलाद और हलवा बनाने में किया जाता है। यह भूख को बढ़ाने और गुर्दे के लिए अधिक लाभकारी होता है। इसमें विटामिन ए की मात्रा सबसे अधिक मौजूद होती है। ऐसा कोई पोषक तत्व नही है जो गाजर में नही पाया जाता है, इसलिए इसे सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से नवम्बर के बीच होती है।
गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। गाजर की खेती पूरे भारत में की जाती है।
भारत मे गाजर की खेती – भारत मे गाजर की खेती मुख्य रूप से असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यूपी, महराष्ट्र, बिहार में होती है।
गाजर की उन्नतशील किस्मे – गाजर की कुछ प्रमुख उन्नतशील किस्मे मेघाली पूसा, केसरी, हिसार, रसीली, चैंटीनी, नैनटिस आदि है, जिसमे अधिक पैदावार होती है।
मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।