24 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, भारत में चेरी का भाव आमतौर पर फ़रवरी में सबसे ऊंचा रहता है (औसत से लगभग 162% ऊपर), जबकि मार्च में सबसे कम (औसत से करीब 70% नीचे)। यानी बेहतर दाम के लिए फ़रवरी के आसपास बिक्री करना ऐतिहासिक रूप से फायदेमंद रहा है।
सबसे अच्छा महीना
फ़रवरी
औसत से +162%
सबसे कमज़ोर महीना
मार्च
औसत से −70%
100 = वार्षिक औसत (₹12,052/क्विंटल) · 24 वर्षों का औसत
| महीना | सूचकांक | सामान्य भाव |
|---|---|---|
| जनवरी | 183 | ₹22,055 |
| फ़रवरी★ सर्वश्रेष्ठ | 262.4 | ₹31,624 |
| मार्चन्यूनतम | 30.2 | ₹3,640 |
| अप्रैल | 67 | ₹8,075 |
| मई | 84.1 | ₹10,136 |
| जून | 71.2 | ₹8,581 |
| जुलाई | 81.5 | ₹9,822 |
| अगस्त | 71 | ₹8,557 |
| सितंबर | 50.1 | ₹6,038 |
| अक्टूबर | 38.7 | ₹4,664 |
| नवंबर | 115.6 | ₹13,932 |
| दिसंबर | 145.3 | ₹17,511 |
बिक्री के लिए शीर्ष 3 महीने: फ़रवरी, जनवरी, दिसंबर। अब तक का सबसे ऊंचा मासिक औसत फ़रवरी 2026 में ₹82,500/क्विंटल रहा है।