
इस पेज पर आपको आज गुजरात राज्य के वडोदरा जिले में स्थित वाघोड़िआ मंडी में कपास के ताज़ा भाव की जानकारी मिलेगी। न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल रेट के साथ भाव में तेज़ी या मंदी की पूरी जानकारी और विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है।
| फसल | |
| औसत भाव | ₹5,837 प्रति क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹3,750 / क्विंटल |
| अधिकतम भाव | ₹7,300 / क्विंटल |
| रिटेल अनुमान | ₹37.50–73.00 / किलो |
लेटेस्ट जानकारी के अनुसार, वाघोड़िआ मंडी में कपास का औसत भाव ₹5,837 /क्विंटल है। न्यूनतम भाव ₹3,750 /क्विंटल था और अधिकतम भाव ₹7,300 /क्विंटल तक दर्ज किया गया। आप इस मंडी में ₹37.50 से ₹73.00 प्रति किलो के बीच रिटेल खरीद की उम्मीद कर सकते हैं।
यह डेटा आखिरी बार 7 फ़रवरी 2026 को अपडेट किया गया था।
| दिनांक | फसल | वैरायटी/ग्रेड | न्यूनतम | अधिकतम | मॉडल (औसत) | बदलाव |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 07/02/2026 | कपास | Shanker 6 (B) 30mm FIneLocal | ₹6,350 | ₹6,350 | ₹6,350 | 0% |
| 01/02/2026 | कपास | Shanker 6 (B) 30mm FIneLocal | ₹6,350 | ₹6,350 | ₹6,350 | — |
| 05/02/2025 | कपास | Shanker 6 (B) 30mm FIneNon-FAQ | ₹6,250 | ₹7,000 | ₹6,570 | — |
| 18/01/2025 | कपास | Shanker 6 (B) 30mm FIneFAQ | ₹7,000 | ₹7,300 | ₹7,250 | — |
| 17/01/2021 | कपास | OtherFAQ | ₹4,700 | ₹4,700 | ₹4,700 | — |
| 18/11/2014 | कपास | HB6FAQ | ₹3,750 | ₹3,900 | ₹3,800 | — |
नोट्स*
वाघोड़िआ मंडी में अन्य फसलों के भाव की जानकारी के लिए मंडी भाव इंडिया पर विज़िट करें।
हरा क्षेत्र = मासिक न्यूनतम–अधिकतम दायरा; रेखा = मासिक औसत भाव (₹/क्विंटल)। स्रोत: APMC/Agmarknet। 2001 से पूरा इतिहास प्रो में देखें →
17 वर्षों का मौसमी सूचकांक (100 = वार्षिक औसत)
वाघोड़िआ के 17 वर्षों के मंडी आंकड़े बताते हैं कि कपास के दाम सितंबर में दबाव में रहते हैं (औसत से 41% तक नीचे) और जनवरी आते-आते चढ़कर औसत से 22% ऊपर पहुंच जाते हैं। यह मौसमी चक्र आवक (सप्लाई) के पैटर्न से जुड़ा है।
रिकॉर्ड मासिक औसत (उच्चतम)
₹7,645/क्विंटल
दिसंबर 2024
एक दिन का उच्चतम भाव
₹8,500/क्विंटल
दिसंबर 2024 · Vagodiya
रिकॉर्ड मासिक औसत (न्यूनतम)
₹1,125/क्विंटल
मई 2014
वाघोड़िआ के ऐतिहासिक आंकड़ों (2007 से) में कपास का शिखर दिसंबर 2024 में आया था — मासिक औसत ₹7,645/क्विंटल। इसके उलट मई 2014 में भाव गिरकर औसतन ₹1,125/क्विंटल रह गया था।