आज बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले में जौ का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले में जौ के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
बलरामपुर (छत्तीसगढ़) में जौ मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹1,620 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹1,410 क्विंटल ( राजपुर (बलरामपुर) ) |
| अधिकतम भाव | ₹1,850 क्विंटल ( रामानुजगंज ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले की मंडियो में जौ का औसतन भाव ₹1,620 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव राजपुर (बलरामपुर) मंडी में ₹1,410 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव रामानुजगंज मंडी में ₹1,850 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले की 3 मंडियो के जौ के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 30 सितंबर 2024 को अपडेट किया गया है।
आज बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले में जौ का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | जौ भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| जौ | बलरामपुर (छत्तीसगढ़) | रामानुजगंज (Ramanujganj) | 1850 से 1850 ₹क्विंटल | 30 Sep 2024 |
| जौ | बलरामपुर (छत्तीसगढ़) | कुसमी (Kusmi) | 1600 से 1600 ₹क्विंटल | 16 Jan 2017 |
| जौ | बलरामपुर (छत्तीसगढ़) | राजपुर (बलरामपुर) (Rajpur (Balrampur)) | 1410 से 1450 ₹क्विंटल | 14 Dec 2015 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
जौ को संस्कृत में यव कहा जाता है। इसका प्रयोग प्राचीन काल से धार्मिक संस्कारों में होता आ रहा है। पिछले कुछ सालों में जौ कि बाजार में मांग बढ़ गई है। देश में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हर साल लगभग 16 लाख टन जौ का उत्पादन होता है। इसकी खेती के लिए समशीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती है। इसकी खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे सही मानी जाती है। जौ को अनाजों का राजा कहा जाता है। इसमें मैग्निशियम, कैलशियम, विटामिन, प्रोटीन, जिंक जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जौ का उपयोग सत्तू, रोटी, बिस्कुट और विभिन्न प्रकार की दवाइयों को बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ जैसे शराब बनाने में भी किया जाता है।दुधारू पशुओं को जौ को हरे चारे और सुखी भूसी के रूप में दिया जाता है। कई चीजों में उपयोग होने के कारण जौ की मांग हमेशा बनी रहती है। चीन में जौ का उत्पादन सबसे अधिक होता है। भारत जौ का उत्पादन करने के मामले में 63 वे स्थान पर है। यहाँ जौ का उत्पादन विश्व के कुल जौ उत्पादन का 3.5% होता है। उत्तर प्रदेश में जौ की खेती सबसे ज्यादा होती है।भारत में जौ उत्पादन का 42% भाग उत्तर प्रदेश में होता है। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, जौनपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर में इसकी खेती सबसे अच्छी होती है।
भारत मे जौ का उत्पादन – भारत में जौ उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि है।
जौ की उन्नत किस्मे – ज्योति K 572/10, आज़ाद(K125),अम्बर(K71), रत्ना, विजया(K572/11), आर एस 6, रणजीत(DL70), कैलाश, हिमानी आदि कुछ जौ की उन्नत किस्मे है।।