आज ओड़िशा में जौ का मंडी भाव - 22 सितंबर 2012



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज ओड़िशा राज्य में जौ के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप ओड़िशा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

ओड़िशा में जौ मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Barley (Jau) जौ
औसत भाव ₹629 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹0 क्विंटल ( Jajpur )
अधिकतम भाव ₹1,600 क्विंटल ( सम्बलपुर )
* यह सारांश 6 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, ओड़िशा की मंडियो में जौ का औसतन भाव ₹629 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Jajpur मंडी में ₹0 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव सम्बलपुर मंडी में ₹1,600 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर ओड़िशा की 6 मंडियो के जौ के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 22 सितंबर 2012 को अपडेट किया गया है।

ओड़िशा के ज़िला अनुसार जौ का मंडी भाव


जौ  भाव

आज ओड़िशा में जौ का मंडी भाव - 22 सितंबर 2012

कमोडिटी ज़िला मंडी जौ भाव अप्डेट
जौ Jajpur Jajpur (Jajpur) 0 से 970 ₹क्विंटल 22 Sep 2012
जौ Sambalpur सम्बलपुर (Sambalpur) 1500 से 1600 ₹क्विंटल 27 Jul 2011
जौ Rayagada Gunupur (Gunupur) 1000 से 1200 ₹क्विंटल 25 Feb 2011
जौ Rayagada Rayagada (Rayagada) 100 से 1500 ₹क्विंटल 22 Jul 2010
जौ Bargarh Padampur (Odisha) (Padampur (Odisha)) 676 से 687 ₹क्विंटल 25 Aug 2009
जौ Malkangiri Malkangiri(Korakunda) (Malkangiri(Korakunda)) 500 से 700 ₹क्विंटल 5 Jun 2007

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

जौ को संस्कृत में यव कहा जाता है। इसका प्रयोग प्राचीन काल से धार्मिक संस्कारों में होता आ रहा है। पिछले कुछ सालों में जौ कि बाजार में मांग बढ़ गई है। देश में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हर साल लगभग 16 लाख टन जौ का उत्पादन होता है। इसकी खेती के लिए समशीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती है। इसकी खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे सही मानी जाती है। जौ को अनाजों का राजा कहा जाता है। इसमें मैग्निशियम, कैलशियम, विटामिन, प्रोटीन, जिंक जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जौ का उपयोग सत्तू, रोटी, बिस्कुट और  विभिन्न प्रकार की दवाइयों को बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ जैसे शराब बनाने में भी किया जाता है।दुधारू पशुओं को जौ को हरे चारे और सुखी भूसी के रूप में दिया जाता है। कई चीजों में उपयोग होने के कारण जौ की मांग हमेशा बनी रहती है। चीन में जौ का उत्पादन सबसे अधिक होता है। भारत जौ का उत्पादन करने के मामले में 63 वे स्थान पर है। यहाँ जौ का उत्पादन विश्व के कुल जौ उत्पादन का 3.5% होता है। उत्तर प्रदेश में जौ की खेती सबसे ज्यादा होती है।भारत में जौ उत्पादन का 42% भाग उत्तर प्रदेश में होता है। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, जौनपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर में इसकी खेती सबसे अच्छी होती है।

भारत मे जौ का उत्पादन – भारत में जौ उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि है।

जौ की उन्नत किस्मे – ज्योति K 572/10, आज़ाद(K125),अम्बर(K71), रत्ना, विजया(K572/11), आर एस 6, रणजीत(DL70), कैलाश, हिमानी आदि कुछ जौ की उन्नत किस्मे है।।

मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।