आज जयपुर जिले में पपीता का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज राजस्थान राज्य के जयपुर जिले में पपीता के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप राजस्थान की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
जयपुर में पपीता मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹2,250 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹2,000 क्विंटल ( Jaipur (F&V) ) |
| अधिकतम भाव | ₹4,000 क्विंटल ( जयपुर (फल व सब्जी ) ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य के जयपुर जिले की मंडियो में पपीता का औसतन भाव ₹2,250 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Jaipur (F&V) मंडी में ₹2,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव जयपुर (फल व सब्जी ) मंडी में ₹4,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर राजस्थान राज्य के जयपुर जिले की 4 मंडियो के पपीता के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 13 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज जयपुर जिले में पपीता का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | पपीता भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| पपीता | जयपुर | जयपुर (फल व सब्जी ) (Jaipur(F&V)) | 2500 से 4000 ₹क्विंटल | 13 Feb 2026 |
| पपीता | जयपुर | Jaipur (F&V) (Jaipur (F&V)) | 2000 से 3000 ₹क्विंटल | 9 Feb 2026 |
| पपीता | जयपुर | Jaipur (F&V) (Jaipur (F&V)) | 2600 से 3300 ₹क्विंटल | 1 Nov 2022 |
| पपीता | जयपुर | Jaipur (F&V) (Jaipur (F&V)) | 500 से 1000 ₹क्विंटल | 21 Nov 2011 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
पपीता एक फल है जो हर मौसम मे उपलब्ध होता है। पपीता गोलाकर या नाशपति के आकार का होता है। यह फल बड़ा 50-60CM व्यास का व अंदर से खोखला होता है। आमतोर पर यह ½ से 2 किलो का होता है इसके अंदर खोखले भाग मे काले बीज होते है। पपीता पहले हरा और पकते समय नारंगी व चमकिले पाइल रंग का हो जाता है।
पपीता मे विटामिन ए, बी ,डी और कैल्शियम, आयरन व प्रोटिन अधिक मात्रा मे मिलते है। पपीता स्कीन के लिए फायदेमंद है। यह हाई- पगमेंटस को काम करने मे मदद करता है मुहासो को भी कम करने मे मदद करता है। पपीता स्कीन को हाइड्रेट रखता है।
पपीता उत्पादन करने वाले राज्य
भारत मे पपीता उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य उतर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल है। यहा सालाना 2628.9 हजार मैट्रिक टन उत्पादन दर्ज की गया है। उतरी राज्यो मे यह फसल डेढ़ साल व दक्षिण राज्य मे एक साल मे फल देना शुरू हो जाता है।