आज Gautam Buddha Nagar जिले में पपीता का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Gautam Buddha Nagar जिले में पपीता के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Gautam Buddha Nagar जिले की मंडियो में पपीता का औसतन भाव ₹2,220 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव दादरी मंडी में ₹1,100 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव दादरी मंडी में ₹2,930 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Gautam Buddha Nagar जिले की 5 मंडियो के पपीता के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 23 नवंबर 2025 को अपडेट किया गया है।
आज Gautam Buddha Nagar जिले में पपीता का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | पपीता भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| पपीता | Gautam Budh Nagar | दनकौर (Dankaur) | 2300 से 2420 ₹क्विंटल | 23 Nov 2025 |
| पपीता | Gautam Budh Nagar | दादरी (Dadri) | 2400 से 2650 ₹क्विंटल | 12 Nov 2025 |
| पपीता | Gautam Budh Nagar | दादरी (Dadri) | 2700 से 2930 ₹क्विंटल | 14 Jul 2025 |
| पपीता | Gautam Budh Nagar | दनकौर (Dankaur) | 2600 से 2800 ₹क्विंटल | 20 May 2024 |
| पपीता | Gautam Budh Nagar | दादरी (Dadri) | 1100 से 1400 ₹क्विंटल | 7 Apr 2015 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
पपीता एक फल है जो हर मौसम मे उपलब्ध होता है। पपीता गोलाकर या नाशपति के आकार का होता है। यह फल बड़ा 50-60CM व्यास का व अंदर से खोखला होता है। आमतोर पर यह ½ से 2 किलो का होता है इसके अंदर खोखले भाग मे काले बीज होते है। पपीता पहले हरा और पकते समय नारंगी व चमकिले पाइल रंग का हो जाता है।
पपीता मे विटामिन ए, बी ,डी और कैल्शियम, आयरन व प्रोटिन अधिक मात्रा मे मिलते है। पपीता स्कीन के लिए फायदेमंद है। यह हाई- पगमेंटस को काम करने मे मदद करता है मुहासो को भी कम करने मे मदद करता है। पपीता स्कीन को हाइड्रेट रखता है।
पपीता उत्पादन करने वाले राज्य
भारत मे पपीता उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य उतर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल है। यहा सालाना 2628.9 हजार मैट्रिक टन उत्पादन दर्ज की गया है। उतरी राज्यो मे यह फसल डेढ़ साल व दक्षिण राज्य मे एक साल मे फल देना शुरू हो जाता है।