25 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, भारत में तुरई का भाव आमतौर पर दिसंबर में सबसे ऊंचा रहता है (औसत से लगभग 17% ऊपर), जबकि सितंबर में सबसे कम (औसत से करीब 17% नीचे)। यानी बेहतर दाम के लिए दिसंबर के आसपास बिक्री करना ऐतिहासिक रूप से फायदेमंद रहा है।
सबसे अच्छा महीना
दिसंबर
औसत से +17%
सबसे कमज़ोर महीना
सितंबर
औसत से −17%
100 = वार्षिक औसत (₹1,883/क्विंटल) · 25 वर्षों का औसत
| महीना | सूचकांक | सामान्य भाव |
|---|---|---|
| जनवरी | 114.4 | ₹2,154 |
| फ़रवरी | 111.5 | ₹2,099 |
| मार्च | 109.5 | ₹2,062 |
| अप्रैल | 102.2 | ₹1,924 |
| मई | 87.3 | ₹1,644 |
| जून | 88.3 | ₹1,662 |
| जुलाई | 97.5 | ₹1,836 |
| अगस्त | 87.4 | ₹1,645 |
| सितंबरन्यूनतम | 83.4 | ₹1,570 |
| अक्टूबर | 96.1 | ₹1,809 |
| नवंबर | 105.4 |
बिक्री के लिए शीर्ष 3 महीने: दिसंबर, जनवरी, फ़रवरी। अब तक का सबसे ऊंचा मासिक औसत दिसंबर 2025 में ₹5,098/क्विंटल रहा है।
| ₹1,984 |
| दिसंबर★ सर्वश्रेष्ठ | 117 | ₹2,203 |