आज Junagadh जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज गुजरात राज्य के Junagadh जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप गुजरात की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Junagadh में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹10,044 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹6,500 क्विंटल ( Junagadh )
अधिकतम भाव ₹16,355 क्विंटल ( विसावदर )
* यह सारांश 12 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, गुजरात राज्य के Junagadh जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹10,044 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Junagadh मंडी में ₹6,500 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव विसावदर मंडी में ₹16,355 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर गुजरात राज्य के Junagadh जिले की 12 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Junagadh जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Junagarh Junagadh (Junagadh) 11500 से 21500 ₹क्विंटल 9 Feb 2026
तिल Junagarh Junagadh (Junagadh) 6500 से 10090 ₹क्विंटल 9 Feb 2026
तिल Junagarh विसावदर (Visavadar) 7900 से 9680 ₹क्विंटल 9 Feb 2026
तिल Junagarh विसावदर (Visavadar) 14275 से 16355 ₹क्विंटल 30 Jan 2026
तिल Junagarh भेसान (Bhesan) 10000 से 10000 ₹क्विंटल 10 Nov 2025
तिल Junagarh भेसान (Bhesan) 5000 से 9250 ₹क्विंटल 29 Oct 2025
तिल Junagarh विसावदर (Visavadar) 7715 से 9855 ₹क्विंटल 10 May 2025
तिल Junagarh विसावदर (Visavadar) 8375 से 10105 ₹क्विंटल 21 Jan 2025
तिल Junagarh Kodinar (Kodinar) 11750 से 14750 ₹क्विंटल 20 Jan 2024
तिल Junagarh Veraval (Veraval) 14885 से 15755 ₹क्विंटल 6 Oct 2023
तिल Junagarh Junagadh (Junagadh) 5250 से 5750 ₹क्विंटल 9 Sep 2010
तिल Junagarh Junagadh (Junagadh) 5000 से 6100 ₹क्विंटल 29 Jun 2010

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।