आज kancheepuram जिले में गाजर का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज तमिल नाडु राज्य के kancheepuram जिले में गाजर के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप तमिल नाडु की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

kancheepuram में गाजर मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Carrot गाजर
औसत भाव ₹1,159 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹43 क्विंटल ( Chengalpattu )
अधिकतम भाव ₹4,800 क्विंटल ( Kanchipuram )
* यह सारांश 4 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, तमिल नाडु राज्य के kancheepuram जिले की मंडियो में गाजर का औसतन भाव ₹1,159 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Chengalpattu मंडी में ₹43 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Kanchipuram मंडी में ₹4,800 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर तमिल नाडु राज्य के kancheepuram जिले की 4 मंडियो के गाजर के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 16 जुलाई 2024 को अपडेट किया गया है।

गाजर भाव

आज kancheepuram जिले में गाजर का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी गाजर भाव अप्डेट
गाजर Kancheepuram Kanchipuram (Kanchipuram) 4500 से 4800 ₹क्विंटल 16 Jul 2024
गाजर Kancheepuram Chengalpattu (Chengalpattu) 43 से 48 ₹क्विंटल 21 Jun 2024
गाजर Kancheepuram Kanchipuram (Kanchipuram) 45 से 60 ₹क्विंटल 18 Jun 2024
गाजर Kancheepuram Chengalpattu (Chengalpattu) 48 से 52 ₹क्विंटल 18 Jun 2024

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

गाजर एक सब्जी है। यह काले, लाल और नारंगी रंग में मिलता है। इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा भोजन माना जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से अक्टूबर के बीच होती है, लेकिन गाजर की कुछ किस्मे अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच भी लगाई जाती है। इसकी खेती में लागत बहुत कम और कमाई बहुत अधिक होती है। 1 किलो गाजर उगाने में 6 से 8 रुपये के बीच लागत आती है। इसकी कुछ किस्मे 1 हेक्टेयर मे लगभग 150 क्विंटल तक पैदावार देती है। गाजर में अनेक प्रकार के गुण पाए जाते हैं। जिस कारण से इसका प्रयोग आचार, मुरब्बा, जूस, सलाद और हलवा बनाने में किया जाता है। यह भूख को बढ़ाने और गुर्दे के लिए अधिक लाभकारी होता है। इसमें विटामिन ए की मात्रा सबसे अधिक मौजूद होती है। ऐसा कोई पोषक तत्व नही है जो गाजर में नही पाया जाता है, इसलिए इसे सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से नवम्बर के बीच होती है।

गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। गाजर की खेती पूरे भारत में की जाती है।

भारत मे गाजर की खेती –  भारत मे गाजर की खेती मुख्य रूप से असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यूपी, महराष्ट्र, बिहार में होती है।

गाजर की उन्नतशील किस्मे –  गाजर की कुछ प्रमुख उन्नतशील किस्मे मेघाली पूसा, केसरी, हिसार, रसीली, चैंटीनी, नैनटिस आदि है, जिसमे अधिक पैदावार होती है।