Saharanpur जिले में गाजर मंडी भाव - Carrot Bhav In Saharanpur District
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Saharanpur जिले में गाजर के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के
Saharanpur जिले की मंडियो में
गाजर का औसतन भाव
₹1,038 /क्विंटल हैं।
पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव
छुटमलपुर
मंडी में ₹900 /क्विंटल
रहा, जबकि सबसे अधिक भाव
सहारनपुर
मंडी में ₹1,650 /क्विंटल
रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के
Saharanpur जिले की 7
मंडियो के
गाजर के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार
29 Mar 2025 को अपडेट किया
गया है।

आज Saharanpur जिले में गाजर मंडी भाव - Carrot Bhav In Saharanpur District
कमोडिटी | ज़िला | मंडी | गाजर भाव | अप्डेट |
---|---|---|---|---|
गाजर | Saharanpur | सहारनपुर (Saharanpur) | 1250 से 1650 ₹/क्विंटल | 29 Mar 2025 |
गाजर | Saharanpur | छुटमलपुर (Chhutmalpur) | 900 से 1100 ₹/क्विंटल | 29 Mar 2025 |
गाजर | Saharanpur | गंगोह (Gangoh) | 1000 से 1200 ₹/क्विंटल | 10 Mar 2025 |
गाजर | Saharanpur | रामपुर मनिहरन (Rampur Maniharan) | 1000 से 1100 ₹/क्विंटल | 4 Mar 2025 |
गाजर | Saharanpur | ननौता (Nanauta) | 800 से 1200 ₹/क्विंटल | 11 Jan 2024 |
गाजर | Saharanpur | देवबंद (Deoband) | 1000 से 1300 ₹/क्विंटल | 18 Dec 2023 |
गाजर | Saharanpur | चिलकाना सुल्तानपुर (Chilkana Sultanpur) | 600 से 650 ₹/क्विंटल | 22 Mar 2020 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
गाजर एक सब्जी है। यह काले, लाल और नारंगी रंग में मिलता है। इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा भोजन माना जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से अक्टूबर के बीच होती है, लेकिन गाजर की कुछ किस्मे अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच भी लगाई जाती है। इसकी खेती में लागत बहुत कम और कमाई बहुत अधिक होती है। 1 किलो गाजर उगाने में 6 से 8 रुपये के बीच लागत आती है। इसकी कुछ किस्मे 1 हेक्टेयर मे लगभग 150 क्विंटल तक पैदावार देती है। गाजर में अनेक प्रकार के गुण पाए जाते हैं। जिस कारण से इसका प्रयोग आचार, मुरब्बा, जूस, सलाद और हलवा बनाने में किया जाता है। यह भूख को बढ़ाने और गुर्दे के लिए अधिक लाभकारी होता है। इसमें विटामिन ए की मात्रा सबसे अधिक मौजूद होती है। ऐसा कोई पोषक तत्व नही है जो गाजर में नही पाया जाता है, इसलिए इसे सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है। इसकी बुवाई अगस्त से नवम्बर के बीच होती है।
गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। गाजर की खेती पूरे भारत में की जाती है।
भारत मे गाजर की खेती – भारत मे गाजर की खेती मुख्य रूप से असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यूपी, महराष्ट्र, बिहार में होती है।
गाजर की उन्नतशील किस्मे – गाजर की कुछ प्रमुख उन्नतशील किस्मे मेघाली पूसा, केसरी, हिसार, रसीली, चैंटीनी, नैनटिस आदि है, जिसमे अधिक पैदावार होती है।
मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।