आज South Andaman जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज अण्डमान और निकोबार राज्य के South Andaman जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप अण्डमान और निकोबार की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

South Andaman में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Ginger(Dry) अदरक (सूखी)
औसत भाव ₹16,000 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹16,000 क्विंटल ( Port Blair )
अधिकतम भाव ₹18,000 क्विंटल ( Port Blair )
* यह सारांश 1 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, अण्डमान और निकोबार राज्य के South Andaman जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹16,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Port Blair मंडी में ₹16,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Port Blair मंडी में ₹18,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर अण्डमान और निकोबार राज्य के South Andaman जिले की 1 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 मार्च 2019 को अपडेट किया गया है।

अदरक (सूखी) भाव

आज South Andaman जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी अदरक (सूखी) भाव अप्डेट
अदरक (सूखी) South Andaman Port Blair (Port Blair) 16000 से 18000 ₹क्विंटल 9 Mar 2019

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।