आज Dhemaji जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज असम राज्य के Dhemaji जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप असम की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Dhemaji में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Ginger(Dry) अदरक (सूखी)
औसत भाव ₹1,100 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹600 क्विंटल ( Silapathar )
अधिकतम भाव ₹3,000 क्विंटल ( Silapathar )
* यह सारांश 4 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, असम राज्य के Dhemaji जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹1,100 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Silapathar मंडी में ₹600 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Silapathar मंडी में ₹3,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर असम राज्य के Dhemaji जिले की 4 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 18 जून 2010 को अपडेट किया गया है।

अदरक (सूखी) भाव

आज Dhemaji जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी अदरक (सूखी) भाव अप्डेट
अदरक (सूखी) Dhemaji Silapathar (Silapathar) 2000 से 3000 ₹क्विंटल 18 Jun 2010
अदरक (सूखी) Dhemaji Silapathar (Silapathar) 1000 से 2000 ₹क्विंटल 31 Oct 2005
अदरक (सूखी) Dhemaji Silapathar (Silapathar) 600 से 900 ₹क्विंटल 16 Jun 2005
अदरक (सूखी) Dhemaji Silapathar (Silapathar) 800 से 850 ₹क्विंटल 18 May 2005

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।