आज गोवालपारा जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज असम राज्य के गोवालपारा जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप असम की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

गोवालपारा में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Ginger(Dry) अदरक (सूखी)
औसत भाव ₹4,600 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹3,800 क्विंटल ( Goalpara )
अधिकतम भाव ₹5,500 क्विंटल ( Goalpara )
* यह सारांश 3 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, असम राज्य के गोवालपारा जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹4,600 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Goalpara मंडी में ₹3,800 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Goalpara मंडी में ₹5,500 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर असम राज्य के गोवालपारा जिले की 3 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 25 नवंबर 2017 को अपडेट किया गया है।

अदरक (सूखी) भाव

आज गोवालपारा जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी अदरक (सूखी) भाव अप्डेट
अदरक (सूखी) गोवालपारा Goalpara (Goalpara) 3800 से 4000 ₹क्विंटल 25 Nov 2017
अदरक (सूखी) गोवालपारा Goalpara (Goalpara) 5000 से 5500 ₹क्विंटल 16 Jul 2014
अदरक (सूखी) गोवालपारा Goalpara (Goalpara) 5000 से 5500 ₹क्विंटल 11 Jul 2014

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।