आज बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

बलरामपुर (छत्तीसगढ़) में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Ginger(Dry) अदरक (सूखी)
औसत भाव ₹1,000 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹1,000 क्विंटल ( रामानुजगंज )
अधिकतम भाव ₹1,000 क्विंटल ( रामानुजगंज )
* यह सारांश 2 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹1,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव रामानुजगंज मंडी में ₹1,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव रामानुजगंज मंडी में ₹1,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले की 2 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 30 सितंबर 2024 को अपडेट किया गया है।

अदरक (सूखी) भाव

आज बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी अदरक (सूखी) भाव अप्डेट
अदरक (सूखी) बलरामपुर (छत्तीसगढ़) रामानुजगंज (Ramanujganj) 1000 से 1000 ₹क्विंटल 30 Sep 2024
अदरक (सूखी) बलरामपुर (छत्तीसगढ़) रामानुजगंज (Ramanujganj) 1000 से 1000 ₹क्विंटल 31 Jul 2024

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।