आज East Jaintia Hills जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मेघालय राज्य के East Jaintia Hills जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मेघालय की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
East Jaintia Hills में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹4,000 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹4,000 क्विंटल ( Khliehriat ) |
| अधिकतम भाव | ₹6,000 क्विंटल ( Khliehriat ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, मेघालय राज्य के East Jaintia Hills जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹4,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Khliehriat मंडी में ₹4,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Khliehriat मंडी में ₹6,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मेघालय राज्य के East Jaintia Hills जिले की 2 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 16 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज East Jaintia Hills जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | अदरक (सूखी) भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| अदरक (सूखी) | East Jaintia Hills | Khliehriat (Khliehriat) | 4000 से 6000 ₹क्विंटल | 16 Feb 2026 |
| अदरक (सूखी) | East Jaintia Hills | Khliehriat (Khliehriat) | 8000 से 10000 ₹क्विंटल | 25 Dec 2023 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।