आज Khordha जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज ओड़िशा राज्य के Khordha जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप ओड़िशा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Khordha में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Ginger(Dry) अदरक (सूखी)
औसत भाव ₹4,275 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹600 क्विंटल ( जटणी )
अधिकतम भाव ₹8,000 क्विंटल ( Balugaon )
* यह सारांश 4 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, ओड़िशा राज्य के Khordha जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹4,275 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव जटणी मंडी में ₹600 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Balugaon मंडी में ₹8,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर ओड़िशा राज्य के Khordha जिले की 4 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 23 दिसंबर 2025 को अपडेट किया गया है।

अदरक (सूखी) भाव

आज Khordha जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी अदरक (सूखी) भाव अप्डेट
अदरक (सूखी) Khurda Balugaon (Balugaon) 4500 से 4500 ₹क्विंटल 23 Dec 2025
अदरक (सूखी) Khurda Balugaon (Balugaon) 5000 से 5000 ₹क्विंटल 13 Nov 2025
अदरक (सूखी) Khurda Balugaon (Balugaon) 7000 से 8000 ₹क्विंटल 4 Nov 2025
अदरक (सूखी) Khurda जटणी (Jatni) 600 से 700 ₹क्विंटल 5 Oct 2004

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।