आज Dehradun जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तराखंड राज्य के Dehradun जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तराखंड की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड राज्य के Dehradun जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹4,760 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव ऋषिकेश मंडी में ₹2,800 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव देहरादून मंडी में ₹9,800 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तराखंड राज्य के Dehradun जिले की 5 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 21 जुलाई 2014 को अपडेट किया गया है।
आज Dehradun जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | अदरक (सूखी) भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| अदरक (सूखी) | Dehradoon | देहरादून (Dehradun) | 6500 से 9800 ₹क्विंटल | 21 Jul 2014 |
| अदरक (सूखी) | Dehradoon | ऋषिकेश (Rishikesh) | 2800 से 3800 ₹क्विंटल | 30 Dec 2013 |
| अदरक (सूखी) | Dehradoon | विकासनगर (Vikasnagar) | 5000 से 6000 ₹क्विंटल | 26 Feb 2006 |
| अदरक (सूखी) | Dehradoon | विकासनगर (Vikasnagar) | 5500 से 6600 ₹क्विंटल | 21 Feb 2006 |
| अदरक (सूखी) | Dehradoon | Chakrata (Chakrata) | 4000 से 6000 ₹क्विंटल | 30 Jan 2006 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।