आज Darjeeling जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज पश्चिम बंगाल राज्य के Darjeeling जिले में अदरक (सूखी) के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप पश्चिम बंगाल की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Darjeeling में अदरक (सूखी) मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Ginger(Dry) अदरक (सूखी)
औसत भाव ₹10,133 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹6,000 क्विंटल ( Darjeeling )
अधिकतम भाव ₹20,000 क्विंटल ( Kalimpong )
* यह सारांश 3 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल राज्य के Darjeeling जिले की मंडियो में अदरक (सूखी) का औसतन भाव ₹10,133 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Darjeeling मंडी में ₹6,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Kalimpong मंडी में ₹20,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर पश्चिम बंगाल राज्य के Darjeeling जिले की 3 मंडियो के अदरक (सूखी) के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 20 जनवरी 2024 को अपडेट किया गया है।

अदरक (सूखी) भाव

आज Darjeeling जिले में अदरक (सूखी) का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी अदरक (सूखी) भाव अप्डेट
अदरक (सूखी) Darjeeling Kalimpong (Kalimpong) 15000 से 20000 ₹क्विंटल 20 Jan 2024
अदरक (सूखी) Darjeeling Karsiyang(Matigara) (Karsiyang(Matigara)) 9400 से 9600 ₹क्विंटल 3 Jul 2015
अदरक (सूखी) Darjeeling Darjeeling (Darjeeling) 6000 से 6500 ₹क्विंटल 11 Jun 2015

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सूखी अदरक को सोंठ कहा जाता है। जैसे अदरक को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है उसी प्रकार से सोंठ भी काफी लाभदायक है। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए और सी जिंक आदि का गुण सोंठ में अधिक के गुण पाया जाता हैं।सोंठ में इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। यह इम्मयूनिटी बढ़ाने में भी काफी कारगर है।अदरक की फसल 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। इसके अलग-अलग किस्मों से एक हेक्टेयर में 15 से 20 टन अदरक पैदा होता है।अदरक से सोंठ बनाने के लिए अदरक को साफ करके इसके पतले छिलकों को अलग कर लिया जाता है। फिर 24 घंटे तक पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसके बाद इसे नींबू के रस में पानी में मिलाकर धोया जाता है। फिर इसे चूने के घोल में रखा जाता है।और फिर वहां से निकाल कर धूप में सुखा लिया जाता है।और सोंठ तैयार हो जाती है।