आज Sepahijala जिले में अंगूर का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज त्रिपुरा राज्य के Sepahijala जिले में अंगूर के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप त्रिपुरा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
Sepahijala में अंगूर मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹5,900 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹4,000 क्विंटल ( Bishalgarh ) |
| अधिकतम भाव | ₹10,100 क्विंटल ( Bishalgarh ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, त्रिपुरा राज्य के Sepahijala जिले की मंडियो में अंगूर का औसतन भाव ₹5,900 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Bishalgarh मंडी में ₹4,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Bishalgarh मंडी में ₹10,100 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर त्रिपुरा राज्य के Sepahijala जिले की 3 मंडियो के अंगूर के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 24 दिसंबर 2024 को अपडेट किया गया है।
आज Sepahijala जिले में अंगूर का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | अंगूर भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| अंगूर | Sepahijala | Melaghar (Melaghar) | 4700 से 5000 ₹क्विंटल | 24 Dec 2024 |
| अंगूर | Sepahijala | Bishalgarh (Bishalgarh) | 4000 से 6000 ₹क्विंटल | 2 Mar 2006 |
| अंगूर | Sepahijala | Bishalgarh (Bishalgarh) | 9000 से 10100 ₹क्विंटल | 15 May 2004 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
अंगुर एक खट्टा कुछ मीठा फल है। जो गोल व अंडाकार होता है। ये फल बेल पर गुच्छों मे लगता है। और पोष्टिकता से भरपुर होते है। अंगुर की तीन प्रकार के मिलते है।टेबल अंगुर, वाइन अंगुर, सूखे अंगुर (किशमिश)। ये लाल, हरा व बैंगनी रंग के होते है।अंगुर मे विटामिन C, D पाई जाती है। जो शरीर के लिए लाभदायक है। अंगुर की बेल की कटिंग लगाने पर फल 1-3 साल मे लगना शुरू हो जाते है। और यदि बेल न लगाकर बीज बोते है तो उस बेल पर फल 3-7 साल मे लगने लगते है ।
अंगुर के प्रति हकटेयर उपज की दर से विश्व मे भारत प्रथम स्थान पर है भारत मे अंगुर की प्रति हैकटेयर पैदावर 30 टन है।
भारत के अंगुर उत्पादन करने वाले राज्य - भारत मे महाराष्ट्र राज्य मे सर्वाधिक अंगुर की खेती होती है। महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु मुख्य राज्य है और उतर भारत में पंजाब,हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली मे अंगुर की बागवानी की जाती है।