Shivpuri जिले में जौ मंडी भाव - Jau Bhav In Shivpuri District
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Shivpuri जिले में जौ के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के
Shivpuri जिले की मंडियो में
जौ का औसतन भाव
₹1,950 /क्विंटल हैं।
पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव
करेरा
मंडी में ₹1,810 /क्विंटल
रहा, जबकि सबसे अधिक भाव
पिछोर
मंडी में ₹2,290 /क्विंटल
रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के
Shivpuri जिले की 15
मंडियो के
जौ के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार
3 Apr 2025 को अपडेट किया
गया है।

आज Shivpuri जिले में जौ मंडी भाव - Jau Bhav In Shivpuri District
कमोडिटी | ज़िला | मंडी | जौ भाव | अप्डेट |
---|---|---|---|---|
जौ | Shivpuri | पिछोर (Pichhore) | 1945 से 2000 ₹/क्विंटल | 3 Apr 2025 |
जौ | Shivpuri | कोलारस (Kolaras) | 2000 से 2045 ₹/क्विंटल | 2 Apr 2025 |
जौ | Shivpuri | शिवपुरी (Shivpuri) | 1910 से 1915 ₹/क्विंटल | 28 Mar 2025 |
जौ | Shivpuri | करेरा (Karera) | 1900 से 1930 ₹/क्विंटल | 26 Mar 2025 |
जौ | Shivpuri | करेरा (Karera) | 1810 से 1875 ₹/क्विंटल | 21 Mar 2025 |
जौ | Shivpuri | करेरा (Karera) | 1907 से 1925 ₹/क्विंटल | 19 Mar 2025 |
जौ | Shivpuri | करेरा (Karera) | 1926 से 2000 ₹/क्विंटल | 11 Mar 2025 |
जौ | Shivpuri | पिछोर (Pichhore) | 2200 से 2290 ₹/क्विंटल | 10 Mar 2025 |
जौ | Shivpuri | पिछोर (Pichhore) | 2000 से 2040 ₹/क्विंटल | 24 Sep 2024 |
जौ | Shivpuri | पिछोर (Pichhore) | 0 से 0 ₹/क्विंटल | 17 Dec 2023 |
जौ | Shivpuri | खानिअधना (Khaniadhana) | 1670 से 1700 ₹/क्विंटल | 8 Dec 2023 |
जौ | Shivpuri | करेरा (Karera) | 1730 से 1800 ₹/क्विंटल | 2 Nov 2023 |
जौ | Shivpuri | कोलारस (Kolaras) | 0 से 1835 ₹/क्विंटल | 30 May 2023 |
जौ | Shivpuri | शिवपुरी (Shivpuri) | 1367 से 1390 ₹/क्विंटल | 19 Mar 2020 |
जौ | Shivpuri | पोहरी (Pohari) | 1375 से 1375 ₹/क्विंटल | 18 Mar 2020 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
जौ को संस्कृत में यव कहा जाता है। इसका प्रयोग प्राचीन काल से धार्मिक संस्कारों में होता आ रहा है। पिछले कुछ सालों में जौ कि बाजार में मांग बढ़ गई है। देश में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हर साल लगभग 16 लाख टन जौ का उत्पादन होता है। इसकी खेती के लिए समशीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती है। इसकी खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे सही मानी जाती है। जौ को अनाजों का राजा कहा जाता है। इसमें मैग्निशियम, कैलशियम, विटामिन, प्रोटीन, जिंक जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जौ का उपयोग सत्तू, रोटी, बिस्कुट और विभिन्न प्रकार की दवाइयों को बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ जैसे शराब बनाने में भी किया जाता है।दुधारू पशुओं को जौ को हरे चारे और सुखी भूसी के रूप में दिया जाता है। कई चीजों में उपयोग होने के कारण जौ की मांग हमेशा बनी रहती है। चीन में जौ का उत्पादन सबसे अधिक होता है। भारत जौ का उत्पादन करने के मामले में 63 वे स्थान पर है। यहाँ जौ का उत्पादन विश्व के कुल जौ उत्पादन का 3.5% होता है। उत्तर प्रदेश में जौ की खेती सबसे ज्यादा होती है।भारत में जौ उत्पादन का 42% भाग उत्तर प्रदेश में होता है। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, जौनपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर में इसकी खेती सबसे अच्छी होती है।
भारत मे जौ का उत्पादन – भारत में जौ उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि है।
जौ की उन्नत किस्मे – ज्योति K 572/10, आज़ाद(K125),अम्बर(K71), रत्ना, विजया(K572/11), आर एस 6, रणजीत(DL70), कैलाश, हिमानी आदि कुछ जौ की उन्नत किस्मे है।।
मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।