आज Kandhamal जिले में आम का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज ओड़िशा राज्य के Kandhamal जिले में आम के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप ओड़िशा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, ओड़िशा राज्य के Kandhamal जिले की मंडियो में आम का औसतन भाव ₹1,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव कंधमाल मंडी में ₹200 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव टिकाबाली मंडी में ₹3,400 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर ओड़िशा राज्य के Kandhamal जिले की 9 मंडियो के आम के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 30 जून 2015 को अपडेट किया गया है।
आज Kandhamal जिले में आम का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | आम भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| आम | Kandhamal | टिकाबाली (Tikabali) | 1500 से 1700 ₹क्विंटल | 30 Jun 2015 |
| आम | Kandhamal | टिकाबाली (Tikabali) | 3200 से 3400 ₹क्विंटल | 30 Jun 2015 |
| आम | Kandhamal | टिकाबाली (Tikabali) | 1200 से 1400 ₹क्विंटल | 30 Jun 2015 |
| आम | Kandhamal | कंधमाल (Kandhamal) | 700 से 900 ₹क्विंटल | 6 Jul 2005 |
| आम | Kandhamal | कंधमाल (Kandhamal) | 200 से 300 ₹क्विंटल | 28 Jun 2005 |
| आम | Kandhamal | कंधमाल (Kandhamal) | 500 से 600 ₹क्विंटल | 7 Jun 2005 |
| आम | Kandhamal | कंधमाल (Kandhamal) | 800 से 900 ₹क्विंटल | 7 Jun 2005 |
| आम | Kandhamal | कंधमाल (Kandhamal) | 500 से 600 ₹क्विंटल | 3 Jun 2005 |
| आम | Kandhamal | कंधमाल (Kandhamal) | 400 से 600 ₹क्विंटल | 1 Jun 2005 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
आम एक प्रकार का रसीला फल होता है। भारत मे इसे फलों का राजा भी कहते है। आम भारत का राष्ट्रिय फल है। इसकी मूल प्रजाति भारतीय आम है।आम के पेड़ की लंबाई लगभग 120-130 फुट तक होती है। और इसकी जड़े मिट्टी में लगभग 20 फिट नीचे तक रहती है। इसके पत्तों मे एक विशेष प्रकार की सुगंध होती है। इसकी पत्ती 6-15cm चौडी व 15-35 cm लम्बी होती है।
आम का सीजन पूरे साल मे एक बार ग्रीष्म ऋतू मे ही आता है आम के पेड़ पर मार्च - अप्रेल माह मे फूल आने शुरू हो जाते है और पुरा पेड़ फूलों के गुच्छों से भर जाता है। मई माह के आसपास फूल झडने लगते है और फल बनना शुरू हो जाते है।
आम को अलग-अलग जगह व भाषा मे अलग-अलग नाम से जानते है। जेसे संस्कृत मे आम को आम्र कहते है। और अग्रेजी मे इसे मेंगो कहते है। भारत मे इसकी विभिन्न प्रकार की किस्मे है जैसे दशहरी तोतापरि बॉम्बेग्रीन व लंगडा इत्यादि |
आम का उपयोग लोग अलग अलग प्रकार से करते है। आम का उपयोग अचार शलाद व शरबत इत्यादि पेय पदार्थ मे आम के रस का उपयोग करते है । और आम की लकड़ी हवन मे काम आती है।