आज करनाल जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज हरियाणा राज्य के करनाल जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप हरियाणा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

करनाल में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹6,000 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹6,000 क्विंटल ( इन्द्री )
अधिकतम भाव ₹6,500 क्विंटल ( इन्द्री )
* यह सारांश 8 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, हरियाणा राज्य के करनाल जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव इन्द्री मंडी में ₹6,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव इन्द्री मंडी में ₹6,500 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर हरियाणा राज्य के करनाल जिले की 8 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 7 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज करनाल जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों करनाल इन्द्री (Indri) 6000 से 6500 ₹क्विंटल 7 Feb 2026
सरसों करनाल घरौंदा (Gharaunda) 5950 से 5950 ₹क्विंटल 16 Apr 2025
सरसों करनाल करनाल (Karnal) 5500 से 5590 ₹क्विंटल 1 Apr 2025
सरसों करनाल करनाल (Karnal) 5940 से 7050 ₹क्विंटल 19 Mar 2025
सरसों करनाल इन्द्री (Indri) 7350 से 7400 ₹क्विंटल 17 Mar 2025
सरसों करनाल इन्द्री (Indri) 3920 से 5400 ₹क्विंटल 17 Mar 2025
सरसों करनाल घरौंदा (Gharaunda) 5450 से 5550 ₹क्विंटल 13 Mar 2025
सरसों करनाल इन्द्री (Indri) 5200 से 5550 ₹क्विंटल 18 Feb 2025

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।