आज पलवल जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज हरियाणा राज्य के पलवल जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप हरियाणा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

पलवल में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹3,559 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹1,487 क्विंटल ( होडल )
अधिकतम भाव ₹6,000 क्विंटल ( पलवल )
* यह सारांश 7 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, हरियाणा राज्य के पलवल जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹3,559 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव होडल मंडी में ₹1,487 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव पलवल मंडी में ₹6,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर हरियाणा राज्य के पलवल जिले की 7 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 17 अप्रैल 2025 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज पलवल जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों पलवल पलवल (Palwal) 5950 से 6000 ₹क्विंटल 17 Apr 2025
सरसों पलवल हसनपुर (Hasanpur) 5200 से 5500 ₹क्विंटल 28 Mar 2025
सरसों पलवल होडल (Hodal) 4500 से 5000 ₹क्विंटल 17 May 2023
सरसों पलवल हसनपुर (Hasanpur) 3340 से 3340 ₹क्विंटल 4 Apr 2019
सरसों पलवल पलवल (Palwal) 2500 से 2500 ₹क्विंटल 11 Jul 2011
सरसों पलवल हसनपुर (Hasanpur) 1935 से 1935 ₹क्विंटल 28 Mar 2009
सरसों पलवल होडल (Hodal) 1487 से 1545 ₹क्विंटल 15 Sep 2006

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।