आज पानीपत जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज हरियाणा राज्य के पानीपत जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप हरियाणा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

पानीपत में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹4,442 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹1,400 क्विंटल ( बापौली )
अधिकतम भाव ₹5,950 क्विंटल ( बापौली )
* यह सारांश 6 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, हरियाणा राज्य के पानीपत जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹4,442 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव बापौली मंडी में ₹1,400 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव बापौली मंडी में ₹5,950 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर हरियाणा राज्य के पानीपत जिले की 6 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 14 अप्रैल 2025 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज पानीपत जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों पानीपत बापौली (Bapoli) 5950 से 5950 ₹क्विंटल 14 Apr 2025
सरसों पानीपत मदलौदा (Madlauda) 5950 से 5950 ₹क्विंटल 9 Apr 2025
सरसों पानीपत मदलौदा (Madlauda) 5950 से 5950 ₹क्विंटल 28 Mar 2025
सरसों पानीपत समालखा (Samalkha) 5500 से 5711 ₹क्विंटल 10 Apr 2022
सरसों पानीपत बापौली (Bapoli) 1400 से 1500 ₹क्विंटल 12 Oct 2013
सरसों पानीपत समालखा (Samalkha) 1900 से 2000 ₹क्विंटल 30 Apr 2012

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।