आज झारखण्ड में सरसों का मंडी भाव - 13 अप्रैल 2022



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज झारखण्ड राज्य में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप झारखण्ड की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

झारखण्ड में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹4,523 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹2,000 क्विंटल ( Lohardaga )
अधिकतम भाव ₹7,800 क्विंटल ( Khunti )
* यह सारांश 6 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, झारखण्ड की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹4,523 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Lohardaga मंडी में ₹2,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Khunti मंडी में ₹7,800 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर झारखण्ड की 6 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 13 अप्रैल 2022 को अपडेट किया गया है।

झारखण्ड के ज़िला अनुसार सरसों का मंडी भाव


सरसों भाव

आज झारखण्ड में सरसों का मंडी भाव - 13 अप्रैल 2022

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों Garhwa Gadhwah (Gadhwah) 6250 से 6350 ₹क्विंटल 13 Apr 2022
सरसों Ranchi Khunti (Khunti) 7240 से 7800 ₹क्विंटल 25 Sep 2020
सरसों Giridih Giridih (Giridih) 4250 से 4320 ₹क्विंटल 8 Nov 2019
सरसों Ranchi Khunti (Khunti) 4400 से 4600 ₹क्विंटल 30 Nov 2013
सरसों Giridih Giridih (Giridih) 3000 से 3100 ₹क्विंटल 3 May 2011
सरसों Lohardaga Lohardaga (Lohardaga) 2000 से 2100 ₹क्विंटल 8 Mar 2010

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।

मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।