आज Gwalior जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Gwalior जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Gwalior जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹5,547 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव भीतरवर मंडी में ₹3,095 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव डबरा मंडी में ₹6,600 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Gwalior जिले की 15 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 7 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Gwalior जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 5675 से 6745 ₹क्विंटल | 7 Feb 2026 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 5965 से 5965 ₹क्विंटल | 5 Feb 2026 |
| सरसों | Gwalior | डबरा (Dabra) | 6600 से 6600 ₹क्विंटल | 2 Feb 2026 |
| सरसों | Gwalior | भीतरवर (Bhitarwar) | 3095 से 6425 ₹क्विंटल | 19 Dec 2025 |
| सरसों | Gwalior | भीतरवर (Bhitarwar) | 6400 से 6400 ₹क्विंटल | 19 Dec 2025 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 6000 से 6100 ₹क्विंटल | 5 Nov 2025 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 6330 से 6360 ₹क्विंटल | 13 Jun 2025 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 3500 से 3500 ₹क्विंटल | 21 May 2025 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 5060 से 5060 ₹क्विंटल | 30 Mar 2024 |
| सरसों | Gwalior | डबरा (Dabra) | 5100 से 5305 ₹क्विंटल | 30 Nov 2023 |
| सरसों | Gwalior | भीतरवर (Bhitarwar) | 5125 से 5150 ₹क्विंटल | 17 Apr 2023 |
| सरसों | Gwalior | डबरा (Dabra) | 2241 से 2353 ₹क्विंटल | 11 May 2009 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 1588 से 1588 ₹क्विंटल | 2 Jan 2007 |
| सरसों | Gwalior | डबरा (Dabra) | 1588 से 1588 ₹क्विंटल | 2 Jan 2007 |
| सरसों | Gwalior | लश्कर (Lashkar) | 1350 से 1625 ₹क्विंटल | 17 Feb 2005 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।