आज Jhabua जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Jhabua जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Jhabua में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹5,500 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹5,500 क्विंटल ( थांदला )
अधिकतम भाव ₹5,500 क्विंटल ( थांदला )
* यह सारांश 8 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Jhabua जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹5,500 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव थांदला मंडी में ₹5,500 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव थांदला मंडी में ₹5,500 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Jhabua जिले की 8 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 16 दिसंबर 2025 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज Jhabua जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों Jhabua थांदला (Thandla) 5500 से 5500 ₹क्विंटल 16 Dec 2025
सरसों Jhabua झाबुआ (Jhabua) 3500 से 3500 ₹क्विंटल 14 Jun 2016
सरसों Jhabua थांदला (Thandla) 2009 से 2193 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
सरसों Jhabua थांदला (Thandla) 1730 से 2175 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
सरसों Jhabua पेटलावद (Petlawad) 2009 से 2193 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
सरसों Jhabua पेटलावद (Petlawad) 1730 से 2175 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
सरसों Jhabua झाबुआ (Jhabua) 1730 से 2175 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
सरसों Jhabua झाबुआ (Jhabua) 2009 से 2193 ₹क्विंटल 6 Mar 2009

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।