आज Buldhana जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज महाराष्ट्र राज्य के Buldhana जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप महाराष्ट्र की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Buldhana में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹5,900 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹5,000 क्विंटल ( मलकापूर )
अधिकतम भाव ₹7,200 क्विंटल ( खामगाव )
* यह सारांश 14 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के Buldhana जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹5,900 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव मलकापूर मंडी में ₹5,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव खामगाव मंडी में ₹7,200 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर महाराष्ट्र राज्य के Buldhana जिले की 14 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज Buldhana जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों Buldhana मलकापूर (Malkapur) 5000 से 5000 ₹क्विंटल 9 Feb 2026
सरसों Buldhana शेगांव (Shegaon) 5300 से 5300 ₹क्विंटल 22 Jan 2026
सरसों Buldhana मलकापूर (Malkapur) 6900 से 6900 ₹क्विंटल 20 Jan 2026
सरसों Buldhana देउळगांव राजा (Deulgaon Raja) 5101 से 5101 ₹क्विंटल 1 Jan 2026
सरसों Buldhana खामगाव (Khamgaon) 7200 से 7200 ₹क्विंटल 1 Jan 2026
सरसों Buldhana खामगाव (Khamgaon) 5300 से 5300 ₹क्विंटल 8 Oct 2025
सरसों Buldhana देउळगांव राजा (Deulgaon Raja) 5850 से 5850 ₹क्विंटल 28 Apr 2025
सरसों Buldhana शेगांव (Shegaon) 4200 से 4200 ₹क्विंटल 31 Dec 2024
सरसों Buldhana चिखली (Chikhali) 4500 से 5000 ₹क्विंटल 5 Jul 2024
सरसों Buldhana लोणार (Lonar) 4000 से 5300 ₹क्विंटल 20 Jun 2024
सरसों Buldhana धाड (Dhad) 2100 से 2225 ₹क्विंटल 27 Mar 2011
सरसों Buldhana सिंदखेड राजा (Sindkhed Raja) 2200 से 2200 ₹क्विंटल 2 Mar 2009
सरसों Buldhana नांदुरा (Nandura) 1450 से 1675 ₹क्विंटल 17 Mar 2006
सरसों Buldhana मलकापूर (Malkapur) 1525 से 1640 ₹क्विंटल 3 Apr 2003

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।