आज चित्तौड़गढ़ जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप राजस्थान की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

चित्तौड़गढ़ में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹5,201 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹4,901 क्विंटल ( निम्बाहेडा )
अधिकतम भाव ₹6,901 क्विंटल ( Barisadri )
* यह सारांश 11 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹5,201 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव निम्बाहेडा मंडी में ₹4,901 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Barisadri मंडी में ₹6,901 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ जिले की 11 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज चित्तौड़गढ़ जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों चित्तौड़गढ़ निम्बाहेडा (Nimbahera) 4901 से 6700 ₹क्विंटल 9 Feb 2026
सरसों चित्तौड़गढ़ Barisadri (Barisadri) 5501 से 6901 ₹क्विंटल 28 Jan 2026
सरसों चित्तौड़गढ़ बेगू (Begu) 6900 से 6900 ₹क्विंटल 13 Nov 2025
सरसों चित्तौड़गढ़ बेगू (Begu) 5530 से 5710 ₹क्विंटल 23 Feb 2025
सरसों चित्तौड़गढ़ फतेहनगर (Fatehnagar) 5642 से 5771 ₹क्विंटल 10 Sep 2024
सरसों चित्तौड़गढ़ प्रतापगढ़ (Pratapgarh) 5170 से 5390 ₹क्विंटल 22 Jul 2024
सरसों चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) 4000 से 6000 ₹क्विंटल 23 Jan 2024
सरसों चित्तौड़गढ़ कपासन (Kapasan) 4150 से 4200 ₹क्विंटल 1 Jul 2019
सरसों चित्तौड़गढ़ फतेहनगर (Fatehnagar) 3215 से 3645 ₹क्विंटल 16 Feb 2015
सरसों चित्तौड़गढ़ प्रतापगढ़ (Pratapgarh) 3500 से 3553 ₹क्विंटल 16 Dec 2014
सरसों चित्तौड़गढ़ कपासन (Kapasan) 2400 से 2500 ₹क्विंटल 22 Oct 2010

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।