आज सवाई माधोपुर जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप राजस्थान की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
सवाई माधोपुर में सरसों मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹5,928 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹5,855 क्विंटल ( सवाई माधोपुर ) |
| अधिकतम भाव | ₹6,510 क्विंटल ( सवाई माधोपुर ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹5,928 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव सवाई माधोपुर मंडी में ₹5,855 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव सवाई माधोपुर मंडी में ₹6,510 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर जिले की 5 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 29 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज सवाई माधोपुर जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | सवाई माधोपुर | सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) | 5855 से 6775 ₹क्विंटल | 29 Jan 2026 |
| सरसों | सवाई माधोपुर | सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) | 6000 से 6510 ₹क्विंटल | 22 Dec 2025 |
| सरसों | सवाई माधोपुर | सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) | 6275 से 6520 ₹क्विंटल | 8 Dec 2025 |
| सरसों | सवाई माधोपुर | पुरानी गंगापुर सिटी (Gangapurcity (Old Lal mandi)) | 5670 से 5670 ₹क्विंटल | 29 Jan 2025 |
| सरसों | सवाई माधोपुर | गंगापुर सिटी (Gangapur City) | 5530 से 5838 ₹क्विंटल | 19 Jul 2024 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।