आज Bahraich जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Bahraich जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Bahraich में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹6,650 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹6,650 क्विंटल ( बहराइच )
अधिकतम भाव ₹6,775 क्विंटल ( बहराइच )
* यह सारांश 9 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Bahraich जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,650 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव बहराइच मंडी में ₹6,650 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव बहराइच मंडी में ₹6,775 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Bahraich जिले की 9 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज Bahraich जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों Bahraich बहराइच (Bahraich) 6650 से 6775 ₹क्विंटल 9 Jan 2026
सरसों Bahraich नानपारा (Nanpara) 5900 से 5990 ₹क्विंटल 11 Nov 2025
सरसों Bahraich बहराइच (Bahraich) 5750 से 5900 ₹क्विंटल 21 Feb 2025
सरसों Bahraich नानपारा (Nanpara) 5500 से 5700 ₹क्विंटल 5 Sep 2024
सरसों Bahraich नानपारा (Nanpara) 5430 से 5490 ₹क्विंटल 22 Apr 2023
सरसों Bahraich बहराइच (Bahraich) 3260 से 3290 ₹क्विंटल 29 Jan 2015
सरसों Bahraich बहराइच (Bahraich) 3235 से 3285 ₹क्विंटल 22 Nov 2014
सरसों Bahraich नानपारा (Nanpara) 3220 से 3270 ₹क्विंटल 31 Oct 2014
सरसों Bahraich बहराइच (Bahraich) 3220 से 3260 ₹क्विंटल 12 Sep 2013

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।