आज Shajapur जिले में पपीता का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Shajapur जिले में पपीता के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Shajapur में पपीता मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Papaya पपीता
औसत भाव ₹835 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹600 क्विंटल ( अकोदिया )
अधिकतम भाव ₹1,000 क्विंटल ( शाजापुर (फल व् सब्जी ) )
* यह सारांश 4 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Shajapur जिले की मंडियो में पपीता का औसतन भाव ₹835 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव अकोदिया मंडी में ₹600 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव शाजापुर (फल व् सब्जी ) मंडी में ₹1,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Shajapur जिले की 4 मंडियो के पपीता के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 2 अगस्त 2015 को अपडेट किया गया है।

पपीता भाव

आज Shajapur जिले में पपीता का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी पपीता भाव अप्डेट
पपीता Shajapur शाजापुर (फल व् सब्जी ) (Shajapur (F&V)) 1000 से 1000 ₹क्विंटल 2 Aug 2015
पपीता Shajapur आगर (Agar) 800 से 850 ₹क्विंटल 15 May 2012
पपीता Shajapur आगर (Agar) 940 से 980 ₹क्विंटल 19 Mar 2012
पपीता Shajapur अकोदिया (Akodia) 600 से 750 ₹क्विंटल 20 Feb 2011

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

पपीता एक फल है जो हर मौसम मे उपलब्ध होता है। पपीता गोलाकर या नाशपति के आकार का होता है। यह फल बड़ा 50-60CM व्यास का व अंदर से खोखला होता है। आमतोर पर यह ½ से 2 किलो का होता है इसके अंदर खोखले भाग मे काले बीज होते है। पपीता पहले हरा और पकते समय नारंगी व चमकिले पाइल रंग का हो जाता है। 

पपीता मे विटामिन ए, बी ,डी और कैल्शियम, आयरन व प्रोटिन अधिक मात्रा मे मिलते है। पपीता स्कीन के लिए फायदेमंद है। यह हाई- पगमेंटस को काम करने मे मदद करता है मुहासो को भी कम करने मे मदद करता है। पपीता स्कीन को हाइड्रेट रखता है।

पपीता उत्पादन करने वाले राज्य

भारत मे पपीता उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य उतर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल है। यहा सालाना 2628.9 हजार मैट्रिक टन उत्पादन दर्ज की गया है। उतरी राज्यो मे यह फसल डेढ़ साल व दक्षिण राज्य मे एक साल मे फल देना शुरू हो जाता है।