आज आन्ध्र प्रदेश में तिल मंडी भाव - Til Bhav In Andhra Pradesh



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज आन्ध्र प्रदेश राज्य में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप आन्ध्र प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

आन्ध्र प्रदेश में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत मंडी भाव ₹9,606 / क्विंटल
न्यूनतम मंडी भाव ₹9,606 / क्विंटल ( Bhainsa )
उच्चतम मंडी भाव ₹9,989 / क्विंटल ( Bhainsa )
* यह सारांश आन्ध्र प्रदेश की 6 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, आन्ध्र प्रदेश की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹9,606 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Bhainsa मंडी में ₹9,606 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Bhainsa मंडी में ₹9,989 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर आन्ध्र प्रदेश की 6 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 27 Mar 2025 को अपडेट किया गया है।

आन्ध्र प्रदेश के ज़िला अनुसार तिल का मंडी भाव


til भाव

आज आन्ध्र प्रदेश में तिल मंडी भाव - Til Bhav In Andhra Pradesh

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Adilabad (Bhainsa) 9606 से 9989 ₹/क्विंटल 27 Mar 2025
तिल Warangal (Warangal) 8555 से 9400 ₹/क्विंटल 13 Mar 2025
तिल Nizamabad (Nizamabad) 10200 से 11510 ₹/क्विंटल 24 Dec 2024
तिल Medak (Zaheerabad) 12202 से 12202 ₹/क्विंटल 5 Nov 2024
तिल Warangal (Warangal) 11069 से 11182 ₹/क्विंटल 8 Oct 2024
तिल Nalgonda (Tirumalagiri) 8015 से 8015 ₹/क्विंटल 30 Aug 2024

Notes*

  • All Rates are Shown as quintal(100 Kg)
  • Rates subject to change
  • These rates are may or may not correct, consider these rates only to know position of market
  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।

मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।