आज मोरबी जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज गुजरात राज्य के मोरबी जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप गुजरात की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

मोरबी में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹7,153 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹5,500 क्विंटल ( Halvad )
अधिकतम भाव ₹9,350 क्विंटल ( वांकानेर )
* यह सारांश 12 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, गुजरात राज्य के मोरबी जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,153 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Halvad मंडी में ₹5,500 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव वांकानेर मंडी में ₹9,350 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर गुजरात राज्य के मोरबी जिले की 12 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज मोरबी जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल मोरबी Morbi (Morbi) 8610 से 8670 ₹क्विंटल 9 Feb 2026
तिल मोरबी वांकानेर (Vankaner) 9000 से 9350 ₹क्विंटल 6 Feb 2026
तिल मोरबी Halvad (Halvad) 5500 से 9450 ₹क्विंटल 4 Feb 2026
तिल मोरबी APMC HALVAD (APMC HALVAD) 5500 से 9450 ₹क्विंटल 4 Feb 2026
तिल मोरबी APMC HALVAD (APMC HALVAD) 6500 से 10890 ₹क्विंटल 5 Nov 2025
तिल मोरबी Halvad (Halvad) 6500 से 10890 ₹क्विंटल 5 Nov 2025
तिल मोरबी वांकानेर (Vankaner) 8250 से 10700 ₹क्विंटल 5 Nov 2025
तिल मोरबी Halvad (Halvad) 13500 से 15575 ₹क्विंटल 24 Sep 2025
तिल मोरबी Halvad (Halvad) 7125 से 10060 ₹क्विंटल 15 Feb 2025
तिल मोरबी वांकानेर (Vankaner) 7000 से 10000 ₹क्विंटल 12 Feb 2025
तिल मोरबी Morbi (Morbi) 8000 से 8950 ₹क्विंटल 8 Jan 2018
तिल मोरबी Halvad (Halvad) 4625 से 6000 ₹क्विंटल 5 Jan 2011

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।