आज Surat जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज गुजरात राज्य के Surat जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप गुजरात की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Surat में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹8,750 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹8,750 क्विंटल ( व्यारा )
अधिकतम भाव ₹22,500 क्विंटल ( व्यारा )
* यह सारांश 14 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, गुजरात राज्य के Surat जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹8,750 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव व्यारा मंडी में ₹8,750 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव व्यारा मंडी में ₹22,500 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर गुजरात राज्य के Surat जिले की 14 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 24 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Surat जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Surat व्यारा (Vyara) 8750 से 22500 ₹क्विंटल 24 Jan 2026
तिल Surat व्यारा (Vyara) 9500 से 23500 ₹क्विंटल 5 Dec 2025
तिल Surat मांडवी (Mandvi) 10750 से 10750 ₹क्विंटल 17 Nov 2025
तिल Surat मांडवी (Mandvi) 9000 से 9500 ₹क्विंटल 16 Nov 2025
तिल Surat व्यारा (Vyara) 11000 से 11000 ₹क्विंटल 14 Nov 2025
तिल Surat मांडवी (Mandvi) 8000 से 8750 ₹क्विंटल 28 Sep 2025
तिल Surat सोनगढ़ (Songadh) 9500 से 9795 ₹क्विंटल 27 May 2025
तिल Surat सोनगढ़ (Songadh) 16085 से 16755 ₹क्विंटल 8 May 2025
तिल Surat मांडवी (Mandvi) 12500 से 20000 ₹क्विंटल 30 Apr 2025
तिल Surat मांडवी (Mandvi) 15000 से 15000 ₹क्विंटल 10 Apr 2025
तिल Surat Mandvi (Mandvi) 8000 से 8000 ₹क्विंटल 26 Apr 2021
तिल Surat Mandvi (Mandvi) 10500 से 10500 ₹क्विंटल 6 Apr 2021
तिल Surat Mahuva (Mahuva) 1616 से 2166 ₹क्विंटल 23 Sep 2014
तिल Surat Mahuva (Mahuva) 1707 से 2078 ₹क्विंटल 22 Sep 2014

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।