आज Vadodara जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज गुजरात राज्य के Vadodara जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप गुजरात की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Vadodara में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹7,382 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹0 क्विंटल ( सावली )
अधिकतम भाव ₹15,000 क्विंटल ( वड़ोदरा )
* यह सारांश 11 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, गुजरात राज्य के Vadodara जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,382 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव सावली मंडी में ₹0 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव वड़ोदरा मंडी में ₹15,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर गुजरात राज्य के Vadodara जिले की 11 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 30 जून 2025 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Vadodara जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Vadodara(Baroda) Nasvadi (Nasvadi) 8500 से 9800 ₹क्विंटल 30 Jun 2025
तिल Vadodara(Baroda) वड़ोदरा (Vadodara) 14000 से 15000 ₹क्विंटल 19 Oct 2024
तिल Vadodara(Baroda) सावली (Savli) 10000 से 10200 ₹क्विंटल 16 Jul 2019
तिल Vadodara(Baroda) Savli(Samlaya) (Savli(Samlaya)) 7550 से 7600 ₹क्विंटल 24 Sep 2018
तिल Vadodara(Baroda) Savli(Samlaya) (Savli(Samlaya)) 6450 से 6500 ₹क्विंटल 9 Feb 2018
तिल Vadodara(Baroda) सावली (Savli) 0 से 6000 ₹क्विंटल 16 Dec 2017
तिल Vadodara(Baroda) सावली (Savli) 5200 से 5220 ₹क्विंटल 17 Nov 2016
तिल Vadodara(Baroda) सावली (Savli) 5500 से 5700 ₹क्विंटल 7 May 2016
तिल Vadodara(Baroda) Savli(Samlaya) (Savli(Samlaya)) 9500 से 10011 ₹क्विंटल 11 Feb 2015
तिल Vadodara(Baroda) Savli(Samlaya) (Savli(Samlaya)) 10000 से 10201 ₹क्विंटल 24 Sep 2014
तिल Vadodara(Baroda) Nasvadi (Nasvadi) 4500 से 5100 ₹क्विंटल 2 Dec 2010

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।