आज Gulbarga जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज कर्नाटक राज्य के Gulbarga जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप कर्नाटक की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, कर्नाटक राज्य के Gulbarga जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,600 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Kalburgi मंडी में ₹7,600 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Kalburgi मंडी में ₹10,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर कर्नाटक राज्य के Gulbarga जिले की 13 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 4 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Gulbarga जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | तिल भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 7600 से 10000 ₹क्विंटल | 4 Feb 2026 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 6150 से 8150 ₹क्विंटल | 15 Apr 2025 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 6550 से 9115 ₹क्विंटल | 4 Mar 2025 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 6750 से 10500 ₹क्विंटल | 5 Feb 2025 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 4000 से 5300 ₹क्विंटल | 9 Dec 2024 |
| तिल | Gulbarga | Gulbarga (Gulbarga) | 12000 से 15000 ₹क्विंटल | 28 Dec 2023 |
| तिल | Kalburgi | Chittapur (Chittapur) | 6101 से 6101 ₹क्विंटल | 6 Jan 2016 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 7550 से 8235 ₹क्विंटल | 28 Jan 2015 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 8255 से 10100 ₹क्विंटल | 15 Sep 2014 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 3500 से 5200 ₹क्विंटल | 10 Oct 2009 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 4800 से 6000 ₹क्विंटल | 3 Aug 2009 |
| तिल | Kalburgi | Kalburgi (Kalburgi) | 5700 से 6200 ₹क्विंटल | 21 Oct 2008 |
| तिल | Kalburgi | Chittapur (Chittapur) | 2000 से 2050 ₹क्विंटल | 11 Dec 2002 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने वाले तत्व विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।
भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।
तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।