आज Gwalior जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Gwalior जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Gwalior में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹8,600 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹8,600 क्विंटल ( लश्कर )
अधिकतम भाव ₹8,600 क्विंटल ( लश्कर )
* यह सारांश 10 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Gwalior जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹8,600 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव लश्कर मंडी में ₹8,600 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव लश्कर मंडी में ₹8,600 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Gwalior जिले की 10 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 12 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Gwalior जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Gwalior लश्कर (Lashkar) 8600 से 8600 ₹क्विंटल 12 Feb 2026
तिल Gwalior लश्कर (Lashkar) 6475 से 6475 ₹क्विंटल 9 Dec 2025
तिल Gwalior लश्कर (Lashkar) 11000 से 11050 ₹क्विंटल 16 Nov 2025
तिल Gwalior लश्कर (Lashkar) 7000 से 7000 ₹क्विंटल 21 May 2025
तिल Gwalior लश्कर (Lashkar) 11100 से 11100 ₹क्विंटल 4 Feb 2025
तिल Gwalior डबरा (Dabra) 14000 से 14200 ₹क्विंटल 5 Dec 2023
तिल Gwalior लश्कर (Lashkar) 13000 से 13950 ₹क्विंटल 14 Oct 2023
तिल Gwalior भीतरवर (Bhitarwar) 9850 से 9850 ₹क्विंटल 13 Mar 2019
तिल Gwalior डबरा (Dabra) 7800 से 8300 ₹क्विंटल 18 Dec 2017
तिल Gwalior डबरा (Dabra) 5350 से 5350 ₹क्विंटल 7 Mar 2009

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।