आज जबलपुर जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

जबलपुर में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹6,905 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹6,905 क्विंटल ( जबलपुर )
अधिकतम भाव ₹6,905 क्विंटल ( जबलपुर )
* यह सारांश 6 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹6,905 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव जबलपुर मंडी में ₹6,905 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव जबलपुर मंडी में ₹6,905 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर जिले की 6 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 13 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज जबलपुर जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल जबलपुर जबलपुर (Jabalpur) 6905 से 6905 ₹क्विंटल 13 Jan 2026
तिल जबलपुर जबलपुर (Jabalpur) 7000 से 7000 ₹क्विंटल 5 Mar 2025
तिल जबलपुर सिहोरा (Sihora) 5490 से 5500 ₹क्विंटल 15 Sep 2017
तिल जबलपुर जबलपुर (Jabalpur) 3500 से 3500 ₹क्विंटल 18 Apr 2012
तिल जबलपुर शाहपुरा (Shahpura (Jabalpur)) 4000 से 4000 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल जबलपुर Sehora (Sehora) 4000 से 4000 ₹क्विंटल 6 Mar 2009

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।