आज Panna जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Panna जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Panna जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,990 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव पन्ना मंडी में ₹7,500 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव पन्ना मंडी में ₹8,600 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Panna जिले की 13 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 7 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Panna जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | तिल भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| तिल | Panna | अजयगढ़ (Ajaigarh) | 8070 से 8100 ₹क्विंटल | 7 Feb 2026 |
| तिल | Panna | पन्ना (Panna) | 7500 से 7500 ₹क्विंटल | 8 Jan 2026 |
| तिल | Panna | पन्ना (Panna) | 8400 से 8600 ₹क्विंटल | 7 Jan 2026 |
| तिल | Panna | देवेन्द्र नगर (Devendra Nagar) | 8280 से 8370 ₹क्विंटल | 5 Dec 2025 |
| तिल | Panna | देवेन्द्र नगर (Devendra Nagar) | 8400 से 8400 ₹क्विंटल | 5 Dec 2025 |
| तिल | Panna | पन्ना (Panna) | 7050 से 7050 ₹क्विंटल | 26 May 2025 |
| तिल | Panna | अजयगढ़ (Ajaigarh) | 8000 से 8000 ₹क्विंटल | 13 May 2025 |
| तिल | Panna | सिमरिया (Simariya) | 9500 से 10000 ₹क्विंटल | 23 Dec 2024 |
| तिल | Panna | पन्ना (Panna) | 12500 से 12500 ₹क्विंटल | 19 Dec 2023 |
| तिल | Panna | देवेन्द्र नगर (Devendra Nagar) | 10005 से 10017 ₹क्विंटल | 19 Dec 2022 |
| तिल | Panna | सिमरिया (Simariya) | 8800 से 8900 ₹क्विंटल | 18 Jan 2022 |
| तिल | Panna | पन्ना (Panna) | 8700 से 8999 ₹क्विंटल | 9 Dec 2021 |
| तिल | Panna | अजयगढ़ (Ajaigarh) | 6000 से 6100 ₹क्विंटल | 29 Jul 2016 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने वाले तत्व विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।
भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।
तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।