आज Sagar जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Sagar जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Sagar में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹6,203 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹4,911 क्विंटल ( शाहगढ़ )
अधिकतम भाव ₹13,000 क्विंटल ( शाहगढ़ )
* यह सारांश 15 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Sagar जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹6,203 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव शाहगढ़ मंडी में ₹4,911 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव शाहगढ़ मंडी में ₹13,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Sagar जिले की 15 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 15 दिसंबर 2025 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Sagar जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Sagar शाहगढ़ (Shahgarh) 8525 से 8525 ₹क्विंटल 15 Dec 2025
तिल Sagar शाहगढ़ (Shahgarh) 12900 से 13000 ₹क्विंटल 18 Aug 2023
तिल Sagar गढ़ाकोटा (Garhakota) 6500 से 6800 ₹क्विंटल 23 May 2022
तिल Sagar Banda (Banda) 8105 से 8105 ₹क्विंटल 2 Feb 2022
तिल Sagar गढ़ाकोटा (Garhakota) 7898 से 7898 ₹क्विंटल 14 Nov 2014
तिल Sagar शाहगढ़ (Shahgarh) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar Sagar (Sagar) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar रहली (Rehli) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar राहतगढ़ (Rahatgarh) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar खुरई (Khurai) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar गढ़ाकोटा (Garhakota) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar देवरी (Deori) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar बिना (Bina) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar Banda (Banda) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009
तिल Sagar बमोरा (Bamora) 4911 से 5511 ₹क्विंटल 6 Mar 2009

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।