आज Ujjain जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज मध्य प्रदेश राज्य के Ujjain जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप मध्य प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Ujjain में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹7,530 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹7,530 क्विंटल ( उज्जैन )
अधिकतम भाव ₹7,530 क्विंटल ( उज्जैन )
* यह सारांश 12 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य के Ujjain जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,530 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव उज्जैन मंडी में ₹7,530 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव उज्जैन मंडी में ₹7,530 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर मध्य प्रदेश राज्य के Ujjain जिले की 12 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 22 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Ujjain जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Ujjain उज्जैन (Ujjain) 7530 से 7530 ₹क्विंटल 22 Jan 2026
तिल Ujjain उज्जैन (Ujjain) 5000 से 5000 ₹क्विंटल 9 Dec 2025
तिल Ujjain उज्जैन (Ujjain) 6001 से 7000 ₹क्विंटल 22 Jul 2022
तिल Ujjain उज्जैन (Ujjain) 8600 से 8600 ₹क्विंटल 19 Jul 2022
तिल Ujjain बड़नगर (Barnagar) 9701 से 9701 ₹क्विंटल 15 Jul 2022
तिल Ujjain बड़नगर (Barnagar) 3230 से 3776 ₹क्विंटल 9 Apr 2018
तिल Ujjain नागदा (Nagda) 2601 से 3351 ₹क्विंटल 14 Sep 2009
तिल Ujjain उन्हेल (Unhel) 5450 से 5450 ₹क्विंटल 5 Mar 2009
तिल Ujjain तराना (Tarana) 5450 से 5450 ₹क्विंटल 5 Mar 2009
तिल Ujjain महिदपुर (Mahidpur) 5450 से 5450 ₹क्विंटल 5 Mar 2009
तिल Ujjain खाचरोद (Khachrod) 5450 से 5450 ₹क्विंटल 5 Mar 2009
तिल Ujjain बड़नगर (Barnagar) 5450 से 5450 ₹क्विंटल 5 Mar 2009

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।