आज Akola जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज महाराष्ट्र राज्य के Akola जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप महाराष्ट्र की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Akola में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹9,350 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹8,100 क्विंटल ( अकोला )
अधिकतम भाव ₹10,600 क्विंटल ( अकोला )
* यह सारांश 14 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के Akola जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹9,350 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव अकोला मंडी में ₹8,100 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव अकोला मंडी में ₹10,600 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर महाराष्ट्र राज्य के Akola जिले की 14 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 6 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Akola जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Akola अकोला (Akola) 8100 से 8100 ₹क्विंटल 6 Feb 2026
तिल Akola अकोला (Akola) 10600 से 10600 ₹क्विंटल 17 Jan 2026
तिल Akola बालापूर (Balapur) 8500 से 9000 ₹क्विंटल 5 Oct 2025
तिल Akola बालापूर (Balapur) 9500 से 10400 ₹क्विंटल 5 Jan 2025
तिल Akola अकोट (Akot) 8400 से 8400 ₹क्विंटल 27 May 2021
तिल Akola पातुर (Patur) 7500 से 8500 ₹क्विंटल 14 Dec 2012
तिल Akola अकोला (Akola) 5750 से 6100 ₹क्विंटल 10 Jan 2012
तिल Akola तेल्हारा (Telhara) 4700 से 5000 ₹क्विंटल 1 Nov 2011
तिल Akola अकोट (Akot) 3900 से 4300 ₹क्विंटल 26 Mar 2011
तिल Akola बालापूर (Balapur) 5000 से 5500 ₹क्विंटल 2 Jan 2011
तिल Akola मुर्तिजापूर (Murtizapur) 3500 से 3640 ₹क्विंटल 5 Jan 2005
तिल Akola अकोला (Akola) 2900 से 3000 ₹क्विंटल 4 Jun 2003
तिल Akola अकोला (Akola) 2350 से 2415 ₹क्विंटल 29 Nov 2002
तिल Akola अकोला (Akola) 1800 से 1850 ₹क्विंटल 29 Jun 2002

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।