आज Latur जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज महाराष्ट्र राज्य के Latur जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप महाराष्ट्र की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के Latur जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹6,100 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव अहमदपूर मंडी में ₹6,100 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव अहमदपूर मंडी में ₹7,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर महाराष्ट्र राज्य के Latur जिले की 14 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 29 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Latur जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | तिल भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| तिल | Latur | अहमदपूर (Ahmedpur) | 6100 से 7000 ₹क्विंटल | 29 Jan 2026 |
| तिल | Latur | अहमदपूर (Ahmedpur) | 14000 से 14000 ₹क्विंटल | 11 Dec 2025 |
| तिल | Latur | औसा (Ausa) | 9001 से 9001 ₹क्विंटल | 8 Dec 2025 |
| तिल | Latur | औरड शहाजणी (Aurad Shahajani) | 7700 से 9845 ₹क्विंटल | 22 Oct 2025 |
| तिल | Latur | औरड शहाजणी (Aurad Shahajani) | 9846 से 10000 ₹क्विंटल | 22 Oct 2025 |
| तिल | Latur | औसा (Ausa) | 12000 से 12000 ₹क्विंटल | 16 Nov 2023 |
| तिल | Latur | उदगीर (Udgir) | 10400 से 11051 ₹क्विंटल | 16 Nov 2020 |
| तिल | Latur | चाकुर (Chakur) | 6201 से 9500 ₹क्विंटल | 22 Oct 2019 |
| तिल | Latur | जळकोट (Jalkot) | 9000 से 11500 ₹क्विंटल | 8 Nov 2018 |
| तिल | Latur | लातूर (Latur) | 4500 से 6500 ₹क्विंटल | 6 Feb 2017 |
| तिल | Latur | लातूर (Latur) | 7400 से 7400 ₹क्विंटल | 29 Jul 2013 |
| तिल | Latur | अहमदपूर (Ahmedpur) | 7001 से 7051 ₹क्विंटल | 10 Jul 2013 |
| तिल | Latur | उदगीर (Udgir) | 7000 से 7200 ₹क्विंटल | 15 Nov 2012 |
| तिल | Latur | जळकोट (Jalkot) | 5000 से 6700 ₹क्विंटल | 14 Nov 2012 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने वाले तत्व विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।
भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।
तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।